मोदी से तुलना का अभी समय नहीं आया : येदियुरप्पा
बेंगलुरू, 1 जून (आईएएनएस)। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी. एस. येदियुरप्पा का मानना है कि गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी से उनकी तुलना का अभी उचित समय नहीं आया है। वह कहते हैं मोदी दस साल से भी अधिक समय से गुजरात के मुख्यमंत्री हैं जबकि उनके नेतृत्व वाली कर्नाटक की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार के कार्यकाल को अभी एक साल ही पूरे हुए हैं। ऐसे में मोदी से उनकी तुलना बेमानी होगी।
येदियुरप्पा ने आईएएनएस से एक विशेष बातचीत में कहा, "यह तो नहीं कह सकता कि मैं दक्षिण भारत का मोदी हूं या नहीं। लेकिन यह जरूर कहना चाहूंगा कि मोदी से मेरी तुलना का अभी उचित नहीं। वह 10 सालों से भी अधिक समय से राज्य के मुख्यमंत्री हैं। हमने तो अभी साल भर ही पूरा किया है। विकास करने के लिए हमें समय चाहिए।"
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी भले ही राजनीतिक रूप से सक्रिय न हों लेकिन येदियुरप्पा की निगाह में वह अब भी पार्टी के शीर्ष और सभी वर्गो में लोकप्रिय नेता हैं। इसी वजह से उन्होंने वाजपेयी के नाम पर बेंगलुरू में एक परिवहन योजना भी आरंभ की है। वह कहते हैं, "अटलजी पार्टी के शीर्ष नेता हैं। इसलिए हमने उनके नाम से 'अटल परिवहन' चलाया। अटलजी गरीबों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं। वह गरीब चाहे हिन्दू हो या मुसलमान। इसलिए हमने उनके नाम से यह योजना चलाई है।"
लोकसभा चुनाव में केंद्र में पार्टी को मिली करारी शिकस्त के बारे में वह कहते हैं, "हमने तो आडवाणीजी से जो वादा किया था वह निभा दिया है। हमने 20 सांसदों को जिताकर दिल्ली भेजने का उनसे वादा किया था। हमने 19 सांसदों को जिताकर दिल्ली भेजा। हम वादे के मुताबिक एक सीट से पिछड़ गए। चार सीटों पर हम बेहद नजदीकी लड़ाई में हार गए। लेकिन यह भी तो देखिए कि पिछले एक साल के भीतर हमने कितने चुनाव लड़े हैं और कितने जीते हैं।"
भाजपा शासित अन्य राज्यों की अपेक्षा कर्नाटक के उत्साहजनक परिणाम के बारे में उन्होंने कहा, "कर्नाटक में हमारे 19 सांसद जीते हैं। इसके लिए सारा श्रेय कार्यकर्ताओं को जाता है। हमने विकास भी खूब किया है। 19 सीटें जिताकर जनता ने हमें हमारे अच्छे काम का प्रमाणपत्र दिया है। कुल मिलाकर कहा जाए तो कर्नाटक में पार्टी को मिली जीत का श्रेय आडवाणीजी के नेतृत्व, हमारी टीम और हमारे विकास कार्यो को जाता है।"
केंद्र और राज्य सरकार के संबंधों के बारे में उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) ने राज्य के साथ बेहद सौतेला व्यवहार किया। इस बार भी प्रधानमंत्री ने हमारे साथ यही सौतेला व्यवहार जारी रखा तो हम चुप नहीं बैठेंगे।"
उन्होंने कहा, "मैं जल्द ही दिल्ली जाकर प्रधानमंत्री से मिलूंगा। प्रधानमंत्री से मिलने से पहले मैं अपने कैबिनेट के सहयोगियों के साथ बैठक करूंगा और रणनीति बनाऊंगा कि कैसे राज्य को अधिक से अधिक केंद्रीय योजनाओं का लाभ मिले। जरूरत पड़ी तो हम कर्नाटक से ताल्लुक रखने वाले केंद्रीय मंत्रियों के जरिए भी केंद्र सरकार पर दबाव बनाएंगे।"
श्रीराम सेना के बारे में येदियुरप्पा कहते हैं, "उनके खिलाफ जितनी कार्रवाई करनी चाहिए थी वह हमने की है। हमने कड़ाई से कदम उठाए। भविष्य में जरूरत पड़ी तो ऐसे तत्वों से कड़ाई से निपटा जाएगा।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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