दुल्हन जलाने वालों को फांसी देने की जरूरत : सर्वोच्च न्यायालय
कुछ वर्ष पहले हरियाणा में एक दुल्हन की जलने से मौत के मामले में उसके पति के बड़े भाई की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति मरक डेय काटजू और दीपक वर्मा की अवकाशकालीन पीठ ने यह टिप्पणी की।
अपनी मां और छोटे भाई की मिलीभगत से महिला को जलाने के आरोपी प्रेम कुमार गुलाटी को कोई राहत दिए बिना पीठ ने उसकी याचिका पर सुनवाई ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद की तिथि के लिए स्थगित कर दी।
गुलाटी के वकील द्वारा पेश की गई अंतरिम जमानत की याचिका पर न्यायमूर्ति काटजू ने कहा, "तुम्हारे जैसे लोगों को फांसी पर लटकाए जाने की आवश्यकता है। तुम्हारा व्यवहार जंगलियों जैसा है।"
आरोपी के वकील ने तर्क दिया कि मामला दहेज हत्या का नहीं आत्महत्या का है, इस पर काटजू ने कहा, "सभी ऐसा ही कहते हैं। जब भी कोई दुल्हन जलाई जाती है, वे इसे आत्महत्या का मामला बताते हैं।"
काटजू ने कहा कि एक तरफ तो वे महिला को देवी मानते हैं, दूसरी ओर उसे जिंदा जलाते हैं। यह सभ्य समाज के नियमों के खिलाफ है। यह बर्बर है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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