बुद्धदेब ने किया तूफान प्रभावित क्षेत्रों का दौरा
मुख्यमंत्री कारों के काफिले के साथ यहां के ब्लाक विकास कार्यालय पहुंचे। उनके यहां पहुंचते ही एक युवक ने आक्रोश में मुख्यमंत्री से कहा कि वे इतनी देरी से यहां क्यों आए हैं। ऐसा क्यों हो रहा है कि आपदा के एक सप्ताह गुजर जाने के बाद भी सरकार हम तक राहत सामग्री नहीं पहुंचा पा रही है।
मुख्यमंत्री को यहां राहत कार्यो की जानकारी दी गई। भट्टाचार्य ने ग्रामीणों को भरोसा दिया कि राहत सामग्री की कमी नहीं आने दी जाएगी।
भट्टाचार्य इसके बाद सोनाखली से होते हुए तूफान से सर्वाधिक प्रभावित गोसाबा ब्लाक के बाली-2 इलाके में गए।
मुख्यमंत्री ने आदर्श विद्यामंदिर में चलाए जा रहे राहत शिविर का भी दौरा किया और वहां पीड़ितों और अधिकारियों से बात की।
पीड़ितों की व्यथा सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा, "चिंता नहीं करें, जल्द ही सब कुछ सामान्य हो जाएगा। हम सारा प्रबंध कर रहे हैं।"
मुख्यमंत्री ने कहा उनकी सरकार कोशिश कर रही है कि केंद्र सरकार इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित करे।
इस बीच रेल मंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि गरीब पीड़ितों को एक कमरे तक सीमित कर दिया गया है जिससे वे अपनी मांगों को सार्वजनिक नहीं कर सकें।
चक्रवाती तूफान की वजह से अब तक राज्य में 125 लोगों की मौत हो चुकी है। राज्य के 19 में से 13 जिले तूफान से प्रभावित हैं। करीब छह लाख घर पूरी तरह या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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