आस्ट्रेलिया में हजारों भारतीय छात्रों ने किया विरोध प्रदर्शन (लीड-3)
शहर के मध्य में स्थित फेडरेशन स्क्वायर में जुटे प्रदर्शनकारी छात्रों ने हमले के विरोध में आस्ट्रेलियाई सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। छात्रों ने सुरक्षा देने में नाकाम पुलिस के खिलाफ भी नारेबाजी की।
फेडरेशन स्क्वायर से छात्रों ने संसद भवन की ओर मार्च किया। फेडरेशन स्क्वायर से संसद भवन तीन किलोमीटर दूरी पर स्थित है। इस दौरान सड़कें खचाखच भरी रहीं। छात्र अपने हाथों में नारे लिखे पोस्टर और तख्तियां लिए हुए थे।
रैली का आयोजन 'आस्ट्रेलियाई भारतीय छात्र महासंघ' (एफआईएसए) ने 'मेलबर्न यूनिवर्सिटी ग्रेजुएट स्टूडेंट एसोसिएशन' के सहयोग से किया।
एफआईएसए के अध्यक्ष गौतम गुप्ता ने कहा कि छात्रों ने मुझसे कहा कि पुलिस ने उनसे कहा है कि जब वे सार्वजनिक वाहन का प्रयोग करें तो अपनी मातृभाषा का प्रयोग न करें। इससे यह जाहिर होता है कि छात्रों पर नस्लीय हमले जारी रहेंगे।
ग्रेजुएट स्टूडेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष पाउल कोट्स ने कहा कि आस्ट्रेलिया सरकार को भारतीय छात्रों को तत्काल सुरक्षा मुहैया कराना चाहिए। एफआईएसए ने रैली आयोजित करने का निर्णय शनिवार को लिया था।
मेलबर्न मैगजीन के संपादक भारतीय छात्र थिरुवल्लम भाषी ने आईएएनएस को बताया कि करीब 15 हजार छात्रों ने विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। निश्चित रूप से भारतीय समुदाय द्वारा की गई यह अब तक की सबसे बड़ी रैली है।
भाषी ने बताया कि केवल मेलबर्न के ही विभिन्न कालेजों में भारत के करीब 48 हजार छात्र अध्ययनरत हैं।
इससे पहले शुक्रवार को भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री केविन रूड से बात की थी और उनसे आस्ट्रेलिया में भारतीयों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने की अपील की थी।
वहीं रविवार को आस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री स्टीफन स्मिथ ने कहा है कि देश में भारतीय छात्रों पर जारी हमला एक 'समस्या' है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार भारतीय छात्रों पर हो रहे हमलों को रोकने के लिए हर तरह का प्रयास करेगी।
स्मिथ ने आस्ट्रेलियाई समाचार चैनल 'नेटवर्क टेन' से कहा, "भारतीय छात्रों पर जारी हमला एक समस्या है। हम भारतीयों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रहे हैं।"
एफआईएसए द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि रैली का उद्देश्य भारतीयों के खिलाफ हो रही हिंसा के प्रति लोगों को जागरूक करना है। संगठन ने आस्ट्रेलियाई नागरिकों से भी समर्थन की अपील की है।
पिछले दिनों मेलबर्न में भारतीय छात्रों को निशाना बनाकर हमला किया गया था, जिसमें चार भारतीय छात्र घायल हो गए थे। भारतीय छात्र श्रवण कुमार को हमले में गंभीर चोट लगी है। एक अन्य छात्र बलजिंदर सिंह पर भी चाकू से हमला किया गया और वह भी अस्पताल में भर्ती है।
उल्लेखनीय है कि आस्ट्रेलिया में 80,000 से अधिक भारतीय छात्र रहते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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