भारतीय छात्रों पर हमले के विरोध में हजारों ने किया प्रदर्शन (लीड-2)
प्रदर्शनकारी छात्रों ने हमले के विरोध में आस्ट्रेलियाई सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। रैली में छात्रों के अलावा बड़ी संख्या में भारतीय समुदाय के लोगों और अन्य एशियाई देशों के नागरिकों ने भी हिस्सा लिया।
रैली का आयोजन 'आस्ट्रेलियाई भारतीय छात्र महासंघ' (एफआईएसए) ने 'मेलबर्न यूनिवर्सिटी ग्रेजुएट स्टूडेंट एसोसिएशन' के सहयोग से किया।
ग्रेजुएट स्टूडेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष पाउल कोट्स ने कहा कि आस्ट्रेलिया सरकार को भारतीय छात्रों की तत्काल सुरक्षा मुहैया कराना चाहिए। एफआईएसए ने रैली आयोजित करने का निर्णय शनिवार को लिया था।
इससे पहले शुक्रवार भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री केविन रूड से बात की थी और उनसे आस्ट्रेलिया में भारतीयों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने की अपील की थी।
वहीं रविवार को आस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री स्टीफन स्मिथ ने कहा है कि देश में भारतीय छात्रों पर जारी हमला एक 'समस्या' है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार भारतीय छात्रों पर हो रहे हमलों को रोकने के लिए हर तरह का प्रयास करेगी।
स्मिथ ने आस्ट्रेलियाई समाचार चैनल 'नेटवर्क टेन' से कहा, "भारतीय छात्रों पर जारी हमला एक समस्या है। हम भारतीयों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रहे हैं।"
एफआईएसए ने कहा शनिवार को कहा था कि रैली की शुरुआत रविवार सुबह रॉयल मेलबर्न अस्पताल से होगी और विक्टोरिया के संसद भवन जाकर समाप्त होगी। अंत में रैली में शामिल सभी लोग मोमबत्ती जलाएंगे।
एफआईएसए द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि रैली का उदेश्य भारतीयों के खिलाफ हो रही हिंसा के प्रति लोगों को जागरूक करना है। संगठन ने आस्ट्रेलियाई नागरिकों से भी समर्थन की अपील की है।
पिछले दिनों मेलबर्न में भारतीय छात्रों को निशाना बनाकर हमला किया गया था, जिसमें चार भारतीय छात्र घायल हो गए थे। भारतीय छात्र श्रवण कुमार को हमले में गंभीर चोट लगी, वह अब भी कोमा में हैं। एक अन्य छात्र बलजिंदर सिंह को पर भी चाकू से हमला किया गया और वह भी अस्पताल में भर्ती हैं।
उल्लेखनीय है कि आस्ट्रेलिया में 80,000 से अधिक भारतीय छात्र रहते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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