सौर ऊर्जा अरूणाचल प्रदेश के सीमावर्ती गांवों तक पहुंची
सीमावर्ती गांवों में विद्युतीकरण करने के प्रधानमंत्री के विशेष पैकेज के तहत इस काम को अंजाम दिया गया है। दरअसल सौर, पवन, बायोमास, जल विद्युत जैसे नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के इस्तेमाल के प्रति जनजागरूकता फैलाने के लिए नवीन एवं नवीकरण ऊर्जा मंत्रालय ने जिला सलाहकार समिति (डीएसी) गठित की है।
अरूणाचल के डीएसी सदस्यों की एक बैठक को सम्बोधित करते हुए आज यहां मंत्रालय के सलाहकार डॉ. एऩ पी़ सिह ने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत से 1500 मेगावाट विद्युत ग्रिड क्षमता बन जाएगा जो देशभर में कुल ग्रिड विद्युत का 9 प्रतिशत है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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