एच1बी वीजा प्रतिबंध से अमेरिका में प्रतिभाओं का आगमन रुकेगा: प्रेमजी
वाशिंगटन, 30 मई (आईएएनएस)। सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी विप्रो टेक्न ोलाजीज के कार्यकारी प्रमुख अजीज प्रेमजी ने कहा है कि कुशल कामगारों के लिए जारी किए जाने वाले एच1बी वीजा धारकों को रोकने से अमेरिका में प्रतिभाओं का आगमन रुक सकता है।
उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि इससे भारत जैसे देशों के साथ व्यापार युद्ध की शुरुआत भी हो सकती है।
'बिजनेस वीक' के साथ एक साक्षात्कार में प्रेमजी ने कहा, "मेरे खयाल से यह बहुत ज्यादा बड़ी पहल है।" उन्होंने यह बात अमेरिकी सीनेट में पेश एक विधेयक के संबंध में कही जिसके मुताबिक कंपनियों को एच1बी वीजा धारकों अथवा एल1 वीजा धारी अर्ध कुशल कामगारों को काम पर रखने से रोका जा सकेगा।
प्रेमजी ने कहा, "इससे अमेरिका में प्रतिभाशाली कामगारों का आना रुक जाएगा। आप स्थानीय लोगों को काम पर रख कर इसकी भरपाई नहीं कर सकते क्योंकि स्थानीय स्तर पर कुशल कामगार आसानी से उपलब्ध नहीं हैं।"
उन्होंने कहा, "इसके अलावा आप भारत जैसे देशों के साथ एक तरह का कारोबारी युद्ध शुरू कर देंगे।"
प्रेमजी ने सुझाव दिया कि अमेरिका को यह बात समझनी चाहिए कि बड़ी-बड़ी अमेरिकी कंपनियों का 60 से 70 फीसदी राजस्व भारत और चीन जैसे देशों से आता है।
उन्होंने चेतावनी दी, "ये विकसित होते हुए बाजार हैं हमारी सरकार के लिए कोई कठिन बात नहीं कि वह टैरिफ बढ़ा दे। या किसी अमेरिकी संगठन को केंद्रीय या राज्य स्तर पर कोई अनुबंध अथवा रक्षा अनुबंध न सौंपे।"
यह पूछे जाने पर कि विधेयक के पारित हो जाने की दशा में क्या होगा? प्रेमजी ने कहा कि राष्ट्रपति बराक ओबामा पूरी तरह परिपक्व निर्णय लेंगे।
आईबीएम और एसेंटूर जैसी कंपनियों द्वारा भारत में ढेरों लोगों को काम पर रखने के बारे में प्रेमजी ने कहा, "उन्हें कम कीमत पर श्रमिक मिलते हैं इसके अलावा लोग कड़ी मेहनत के साथ गुणवत्ता वाला काम करते हैं। दरअसल अमेरिका में उन्हें अपने काम के लायक लोग नहीं मिल रहे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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