महिलाओं और बच्चों के विकास के लिए कानूनों में सुधार करेगी सरकार : तीरथ
महिला और बाल विकास मंत्रालय में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) का पद संभालने के बाद तीरथ ने कहा कि उनकी कुछ आरंभिक पहलों में राष्ट्रीय महिला अधिकारिता मिशन और ग्रामीण इलाकों में सशर्त मातृत्व लाभ योजना को आगे बढ़ाने के साथ ही राष्ट्रीय महिला कोष का पुनर्गठन शामिल है।
उन्होंने कहा,"देश की 75 प्रतिशत आबादी के संदर्भ में महिला और बाल विकास मंत्रालय एक बड़ा मंत्रालय है। यदि नीतियों के संबंध में कोई कमी है तो मैं उसे दूर करने का काम करुं गी।"
तीरथ ने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के संबंध में कई कानून हैं और यदि उनमें कोई कमी है तो वह उनमें सुधार करेंगी। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों को रोकने का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम शिक्षा है।
तीरथ ने कहा कि शनिवार को मंत्रिमंडल की बैठक में महिला और बाल विकास मंत्रालय से संबंधित कई मुद्दों पर चर्चा की गई और वे मुद्दे राष्ट्रपति के अभिभाषण में शामिल होंगे।
तीरथ ने हाल ही में स्वीकृत समेकित बाल संरक्षण योजना (आईसीपीएस) को लागू किए जाने और वर्ष 1974 में बनी बाल नीति की समीक्षा करने पर जोर दिया।
तीरथ ने कहा कि उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता महिलाओं और बच्चों के लिए राष्ट्रीय नीति का विकास करना है।
मंत्रालय का काम संभालने के तुरंत बाद तीरथ ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक करके विभिन्न कार्यक्रमों, योजनाओं और विभाग से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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