नेपाल में फिर परास्त हुए माओवादी
काठमांडू, 30 मई (आईएएनएस)। नेपाल में सेना के साथ लड़ाई में शिकस्त खाने और सत्ता से बेदखल होने के बाद माओवादी पार्टी को शनिवार को एक बार फिर से प्रतिकूल स्थिति का सामना करना पड़ा जब अंतरिम संसद के अध्यक्ष ने उन्हें सदन में बहस की इजाजत नहीं दी।
नेपाल की संविधान सभा के अध्यक्ष सुभाष नेम्बांग ने कहा, "मैंने सांसदों से विचार-विमर्श किया जो इस मसले पर बंटे हुए थे। विचार-विमर्श के लिए माओवादियों का प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया जा सकता।" संविधान सभा ही इस समय नेपाल की अंतरिम संसद की तरह भी काम कर रही है।
सदन में अलग-थलग पड़ चुके माओवादियों के लिए यह इंकार दूसरी शिकस्त की तरह है।
इससे पहले माओवादियों ने सेनाप्रमुख रुकमांगद कटवाल को बर्खास्त करने की नाकाम कोशिश की थी। उनके अपने ही गठबंधन सहयोगियों ने जनरल को बर्खास्त करने से इंकार कर दिया। उसके बाद राष्ट्रपति राम बरन यादव के इस मसले में दखल देकर कटवाल को बहाल करने के साथ ही माओवादियों की शिकस्त तय हो गई।
अल्पमत में आई माओवादी सरकार को इस्तीफा देना पड़ा और नई सरकार सत्ता में आई।
इसके बाद माओवादियों ने राष्ट्रपति को हटाने की मुहिम छेड़ी। वे यादव के कदम को असंवैधानिक और सैनिक श्रेष्ठता करार देते हुए इस पर संसद में बहस कराने की मांग करने लगे। उन्होंने इस बारे में भी सदन में बहस कराने की मांग की कि पुनर्नियुक्ति संवैधानिक है या नहीं।
माओवादियों ने कहा कि जब तक उनका प्रस्ताव मंजूर नहीं होगा तब तक वे अंतरिम संसद में कोई काम न होने देंगे। इस वजह से करीब तीन हफ्ते तक कोई कामकाज नहीं हो सका। इसकी वजह से नए प्रधानमंत्री के चुनाव में बाधा आई और राजनीतिक शून्य की स्थिति बन गई।
पिछले शनिवार को राष्ट्रपति के खिलाफ अपना प्रस्ताव मंजूर होने पर माओवादियों ने नए प्रधानमंत्री का चुनाव होने दिया। हालांकि वे इस प्रस्ताव पर पूर्ण बहस की मांग कर रहे थे लेकिन सदन के अध्यक्ष ने इसकी इजाजत नहीं दी।
माओवादी पार्टी के प्रवक्ता दीनानाथ शर्मा ने इसे तानाशाही करार देते हुए कहा, "संविधान और कानून के अनुसार सदस्य की ओर से दाखिल किए गए किसी भी प्रस्ताव पर चर्चा कराने की इजाजत दी जानी चाहिए। यह विपक्ष का गला घोंटने की तरह है यह लोकतांत्रिक नहीं है।"
शर्मा ने कहा कि उनकी पार्टी इस मसले पर सदन में बहस कराने की मांग करती रहेगी और जब तक ऐसा नहीं होगा सदन में कामकाज नहीं होने देंगे।
नेम्बांग ने सदन का सत्र शाम सात बुलाया। शर्मा ने इसके पीछे साजिश का संकेत देते हुए कहा कि दिन की जगह सत्र शाम को क्यों बुलाया गया।
अंतरिम संसद के अध्यक्ष के इस इंकार से माओवादियों और कम्युनिस्टों के बीच विवाद बढ़ने के आसार उत्पन्न हो गए हैं। नए प्रधानमंत्री माधव कुमार नेपाल का कहना है कि उनकी प्राथमिकता अगली गर्मियों तक नया संविधान तैयार करना है जो माओवादियों के बढ़ते विरोध के बीच करीब-करीब असंभव होगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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