'आइला राष्ट्रीय आपदा घोषित हो'

पश्चिम बंगाल सरकार ने समुद्री तूफ़ान आइला से हुई तबाही को देखते हुए केंद्र सरकार से माँग की है कि इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाए. पश्चिम बंगाल सरकार ने केंद्र सरकार से तुरंत एक हज़ार करोड़ रूपए की सहायता राशि देने की माँग की है.
पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश में इस तूफ़ान से हुई तबाही में दो सौ से ज़्यादा लोगों की जानें गई हैं और लाखों लोग बेघर हो गए हैं.
पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री असीम दास गुप्ता ने तबाही की समीक्षा के लिए बुलाई गई उच्चस्तरीय बैठक के बाद पत्रकारों से कहा, "मृतकों की संख्या अभी थक 115 है. 53 लाख लोग प्रभावित हुए हैं और पाँच लाख से ज़्यादा घरों को नुकसान पहुँचा है."
उन्होंने आइला से हुए नुकसान को अप्रत्याशित बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री बुद्धदेब भट्टाचार्य ने प्रधानमंत्री को पत्र लिख कर इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की माँग की है.
असीम दास गुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार ने केंद्र से भी एक टीम भेजने को कहा है ताकि वे नुकसान का जायज़ा ले सकें. आपदा प्रबंधन मंत्री मुर्तज़ा हुसैन ने बताया कि सबसे अधिक 32 मौतें दक्षिण चौबीस परगना ज़िले में हुई है.
इसके अलावा दार्जीलिंग, उत्तरी चौबीस परगना, कोलकाता, हुगली, नादिया, बर्धमान, बीरभूम, मुर्शिदाबाद, बाँकुरा, मिदनापुर और कूच बिहार ज़िले तूफ़ान से प्रभावित हुए हैं. बाग्लादेश में भी भारी नुकसान हुआ है. वहां 90 लोगों के मारे जाने की ख़बर है.


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