कनाडा के पास भारतीय छात्रों को आकर्षित करने का अवसर : सी-आईबीसी
टोरंटो, 29 मई (आईएएनएस)। भारत में कारोबार कर रही कनाडाई कंपनियों की प्रतिनिधि संस्था भारत-कनाडा व्यापार परिषद (सी-आईबीसी) का कहना है कि आस्ट्रेलिया में भारतीय छात्रों पर हाल के दिनों में बढ़े हमलों ने कनाडा को भारतीय छात्रों को आकर्षित करने का मौका दिया है।
कड़े वीजा नियमों और कनाडाई संस्थानों का पर्याप्त प्रचार प्रसार न होने के कारण प्रति वर्ष यहां महज 3,000 भारतीय छात्र ही दाखिला लेते हैं जबकि आस्ट्रेलिया में इनकी संख्या 20,000 सालाना है।
सी-आईबीसी की शिक्षा समिति के अध्यक्ष हुसैन नीमुचवाला ने गुरुवार को कहा कि आस्ट्रेलिया में भारतीय छात्रों पर हुए घातक हमलों के बाद वहां पढ़ाई के इच्छुक भारतीय छात्रों की संख्या में कमी आएगी।
नीमुचवाला ने आईएएनएस से कहा, "ये दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं लोगों को उच्च शिक्षा के अन्य विकल्प तलाशने के लिए मजबूर करेंगी और कनाडाई संस्थानों की इन अवसरों को हाथ से जाने नहीं देना चाहिए।"
उन्होंने कहा कि कनाडाई विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और सरकार को अपने देश को एक बेहतर वैकल्पिक शिक्षा केंद्र के रूप में पेश करना चाहिए। उन्होंने कहा कि चूंकि भारत से बड़ी संख्या में छात्र हर वर्ष बाहर पढ़ाई के लिए जाते हैं अत: ऐसे में यह एक बड़ा बाजार बनकर उभर सकता है।
मुंबई में जन्में नीमुचवाला ने कहा, "अगर अमेरिकी विश्वविद्यालय और कॉलेज 70,000 और आस्ट्रेलिया 20,000 भारतीय छात्रों को आकर्षित कर सकते हैं तो कनाडा को भी इसके लिए प्रयास करना चाहिए।"
उन्होंने कहा, "कनाडा हर लिहाज से सुरक्षित है और यहां विभिन्न जगहों से आने वाले लोगों के लिए ग्राह्यता भी है। इसके अलावा इसके शिक्षा तंत्र को भी दुनिया के सर्वश्रेष्ठ शिक्षा तंत्रों में स्थान दिया जाता है।"
उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र ने भी शैक्षणिक स्तर, राष्ट्रीय आय और जीवन स्तर आदि मानकों के आधार पर कनाडा को दुनिया के उन सर्वश्रेष्ठ स्थानों में जगह दी है जहां रहा जा सकता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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