संयुक्त राष्ट्र ने उत्तर कोरिया की खाद्य सहायता में कमी की
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार डब्ल्यूएफपी की प्रवक्ता बेटिना लुइशेर ने गुरुवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "हमारे अभियानों में कमी आने पहली वजह यह है कि हमारे पास धन की कमी है। जब हमने अक्टूबर में अपना काम शुरु किया था तब हमें उम्मीद थी कि हम 60 करोड़ लोगों का पेट भर सकेंगे, लेकिन हमें पैसा नहीं मिल सका है।"
उन्होंने कहा कि डब्ल्यूएफपी को महज सात करोड़ डॉलर मिले हैं जो उत्तर कोरिया के 87 जरूरतमंद लाख लोगों में से महज 14 प्रतिशत को ही भरपेट भोजन उपलब्ध कराने के लिए पर्याप्त है।
हालांकि डब्ल्यूएफपी में हंगर सॉल्यूशंस की कार्यकारी निदेशक शीला सिसुलु का कहना है कि उत्तर कोरिया सरकार के अनुरोध की वजह से खाद्य सहायता में कमी की गई।
उन्होंने कहा कि कई कारणों में उत्तर कोरिया को मिलने वाली खाद्य सहायता की कमी की जा रही है। इनमें से एक वजह यह भी है कि उत्तर कोरिया ने कहा है कि उसे आपात खाद्य सहायता की जरूरत नहीं है।
उत्तर कोरिया में खाद्यान्नों की कमी की वजह धरती की ऊर्वर क्षमता में कमी, मौसम की खराब स्थितियां और बाजार संबंधी गतिविधियों पर रोक है। परिणामस्वरूप बहुत से परिवारों को अपने भोजन में कटौती करनी पड़ रही है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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