आस्ट्रेलिया ने भारतीय छात्रों की सुरक्षा का आश्वासन दिया : कृष्णा (लीड-2)

कृष्णा ने अपने गृहनगर बेंगलुरू में संवाददाताओं से कहा, "आज दोपहर आस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री स्टीफेन फ्रांसिस स्मिथ ने मुझसे बात की। उन्होंने मुझे आश्वस्त किया कि भारतीय छात्रों को नस्ली हमले से सुरक्षा प्रदान किया जाएगा और दोषियों को सजा दिलाया जाएगा।"

विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को आस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त जॉन मैक्कार्थी के समक्ष मेलबर्न में भारतीय छात्रों पर कथित नस्ली हमलों पर चिंता व्यक्त की।

मंत्रालय में सचिव(पूर्व)एन. रवि ने आस्ट्रेलियाई राजनयिक से मुलाकात कर आस्ट्रेलिया में भारतीय छात्रों की सुरक्षा का आश्वासन देने की मांग की।

राजनयिक ने आश्वासन दिया कि विक्टोरिया सरकार ने ऐसे हमलों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कई कदम उठाए हैं। हालांकि उन्होंने इस विचार पर असहमति व्यक्त की कि ये हमले नस्ली हैं। उन्होंने कहा, "मैंने उनके नस्ली होने का कोई प्रमाण नहीं देखा। आस्ट्रेलिया बहु-सांस्कृतिक देश है।"

उन्होंने माना, "आस्ट्रेलिया में कुछ हद नस्लभेद है। यह भयावह है।"

आस्ट्रेलियाई पुलिस अधिकारियों ने इन हमलों को नस्ली मानने से इंकार किया है। लेकिन आस्ट्रेलिया में भारतीय उच्चायुक्त सुजाता सिंह ने शुक्रवार को पुलिस के इन दावों को खारिज कर दिया।

उन्होंने कहा कि मेलबर्न में दिक्कत वाले स्थानों पर पुलिस गश्त बढ़ाई गई है। इन हमलों में भारत में आक्रोश है। भारत की ओर से दबाव बनाए जाने के कारण इस सप्ताह आस्ट्रेलिया सरकार ने कई कदम उठाए हैं।

इस बीच आस्ट्रेलिया के विक्टोरिया राज्य के प्रधानमंत्री जॉन ब्रम्बी ने शुक्रवार को कहा कि राज्य में रहने वाले भारतीय समुदाय के लोगों के खिलाफ हिंसा पूरी तरह अस्वीकार्य है और इसे हरगिज बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

भारतीय छात्रों पर हमले की दो अलग-अलग घटनाओं के सिलसिले में पुलिस ने पांच किशोरों को गिरफ्तार किया है

एक किशोर को श्रवण कुमार पर पेचकस से वार करने के कारण हत्या के प्रयास के आरोप में गिरफ्तार किया गया है जबकि चार अन्य सौरभ कुमार नाम के छात्र की ट्रेन में पिटाई करने के कारण गिरफ्तार किया गया था।

हालांकि उपायुक्त केरन वॉल्श का कहना है कि मेलबर्न शहर में भारतीय छात्रों पर हमलों की वजह नस्लभेद नहीं है। वॉल्श ने शुक्रवार को कहा कि वह उन्हें असुरक्षित मानते हैं लेकिन उन्हें नहीं लगता कि इन हमलों की वजह नस्लभेद है। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई संकेत नहीं है कि मेलबर्न के पश्चिम में नस्लीय घृणा की वजह से भारतीय छात्रों पर हमले और लूटपाट की घटनाओं में वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि यहां ऐसा माना जाता है कि भारतीय लोग आसानी से अपराधियों के मंसूबों का शिकार बन जाते हैं।

उन्होंने बताया कि एक कार्यबल हमलों के दोषियों को पकड़ने के लिए मेलबर्न के भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ संपर्क में है।

भारतीय छात्रों पर हमलों की अब तक तीन घटनाएं हो चुकी हैं। पहली घटना नौ मई को हुई थी। रविवार को मेलबर्न में तीन अन्य छात्रों के साथ जा रहे श्रवण कुमार नाम के 25 वर्षीय भारतीय छात्र पर हमला किया गया था। वह गंभीर हालत में गहन चिकित्सा कक्ष में भर्ती हैं। हमलावरों ने कथित तौर पर नस्लीय टिप्पणी की और उस पर पेचकस ने वार किया।

बलजिंदर सिंह नाम के एक अन्य छात्र पर सोमवार को हमला किया गया। उसके साथ लूटपाट के बाद उसे चाकू घोंप दिया गया। हेराल्ड सन ने खबर दी है कि बलजिंदर रेलवे स्टेशन से निकला ही था कि हथियारों से लैस दो व्यक्तियों ने उसका पीछा कर उससे पैसा मांगना शुरू कर दिया। छात्र झोले में से अपना बटुआ ढूंढ ही रहा था कि हमलावरों ने उसके पेट में चाकू घोंप दिया।

बलजिंदर ने बताया,"वे लोग मुझ पर हंसे और उन्होंने मेरे पेट में चाकू घोंप दिया। वे मुझ पर हंस रहे थे..मैं चिल्ला रहा था मुझे मत मारो। मुझे मत मारो।"

आस्ट्रेलियाई पुलिस ने गुरुवार को मेलबर्न की ट्रेन में एक अन्य भारतीय छात्र की पिटाई के आरोप में दो किशोरों को गिरफ्तार किया। हेराल्डसन के अनुसार 21 वर्षीय सौरभ शर्मा की गत नौ मई को कुछ हमलावरों ने पिटाई कर दी थी। हमले में छात्र की गाल की हड्डी और एक दांत टूट गया था। यह पूरी घटना क्लोज सर्किट कैमरा पर रिकार्ड हो गई। शर्मा का कहना है कि हमले के दौरान उसके साथ नस्लभेदी टिप्पणी की गई और उसके साथ लूटपाट की गई।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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