मंदी के बावजूद जीडीपी दर बेहतर
यह वृद्धि दर हालांकि वर्ष 2007-08 में हासिल किए गए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 9 फीसदी से कम है लेकिन यह अनुमानों से बेहतर है। सरकार ने वैश्विक मंदी के मद्देनजर 6-7 फीसदी वृद्धि दर का अनुमान व्यक्त किया था।
केंद्रीय सांख्यिकीय संगठन (सीएसओ) से जारी आंकड़ों के अनुसार कृषि की वृद्धि दर 1.6 फीसदी और विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर 2.4 फीसदी रही।
इसके बावजूद कुल विकास दर ऊंची रही तो इसकी वजह सामुदायिक सेवाओं में 13 फीसदी, सड़क एवं संचार क्षेत्र में 9 फीसदी और वित्तीय एवं अन्य सेवा क्षेत्र में 7.8 फीसदी की बढ़ोतरी रही।
निर्माण क्षेत्र में भी 7 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई जो कि कुल वृद्धि दर से कहीं अधिक है। इसके अलावा खनन में 3.6 फीसदी, बिजली एवं ईंधन उत्पादन में 3 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
जीडीपी दर गिरने की प्रमुख वजह औद्योगिक और कृषि विकास में गिरावट है, वर्ष 2007-08 में इसमें क्रमश: 8.2 फीसदी और 4.9 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
इंडो-एशिन न्यूज सर्विस।
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