हमलों से चिंतित हैं मेलबर्न के भारतीय छात्र
पिछले सप्ताह श्रवण कुमार तीर्थला नामक छात्र पर स्क्रू ड्राइवर से हमला किया गया था जो इस समय रॉयल मेलबर्न हॉस्पिटल में दाखिल हैं। उस पर रविवार को मेलबर्न में हमला किया गया था। वह आंध्र प्रदेश से दो वर्ष पहले पढ़ाई के लिए यहां आया था।
उसके मित्रों में से एक ने समाचार पत्र 'हेराल्ड सन' को बताया, "हम आस्ट्रेलिया में सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। हम बिलकुल सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं।"
एक अन्य भारतीय ने कहा, "उन्होंने हमसे कहा था कि यह विविध संस्कृतियों वाला देश है लेकिन यहां तीन वर्ष गुजारने के बाद मैं कह सकता हूं कि यह एक नस्लभेदी देश है।"
अस्पताल के बाहर खड़े इन छात्रों के हाथों में तख्तियां हैं जिनमें से एक पर लिखा है, "क्या हमें जीने का अधिकार नहीं है।"
तीर्थला की रिश्ते की बहन लक्ष्मी नरसिम्हा ने कहा कि उसकी हालत नाजुक है और चिकित्सक भी उसके बारे में अंतिम तौर पर कुछ कह नहीं पा रहे हैं।
फेडरेशन ऑफ इंडियन स्टूडेंटस एसोसिएशन के गौतम गुप्ता ने स्काई न्यूज को बताया, "पुलिस हमेशा कहती है कि किसी तरह का नस्ली व्यवहार नहीं होता। आखिर इन नस्ली हमलों को किस तरह परिभाषित किया जाए।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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