मंत्रिपरिषद का विस्तार कुछ घंटों में

गुरुवार साढ़े ग्यारह बजे राष्ट्रपति भवन के अशोक हॉल में शपथ ग्रहण समारोह शुरु होगा.
कैबिनेट मंत्री का दर्जा वीरभद्र सिंह विलासराव देशमुख फ़ारुक़ अब्दुल्ला दयानिधि मारन ए राजा मल्लिकार्जुन खड़गे जीके वासन एमके अढ़गिरी कुमारी शैलजा सुबोधकांत सहाय एमएस गिल मुकुल वासनिक पवन कुमार बंसल
इनके नाम राष्ट्रपति के पास भेज दिए गए हैं. 59 मंत्रियों की नई सूची में 14 कैबिनेट स्तर के, सात स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और 38 राज्य मंत्री हैं.
कैबिनेट स्तर के 19 मंत्री पहले ही शपथ ले चुके हैं. हलाँकि इनमें से अभी तक सिर्फ़ छह कैबिनेट मंत्रियों के विभागों की ही घोषणा हुई है.
इस तरह प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को मिलाकर मंत्रिपरिषद के सदस्यों की संख्या 79 हो जाएगी.
मंत्रिपरिषद के विस्तार में राज्यों और समाज के सभी वर्गों की भागीदारी का ध्यान रखा गया है.
मंत्रिपरिषद के 79 सदस्यों में 60 संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) के मुख्य घटक दल कांग्रेस के कोटे से होंगे.
नए चेहरे
पिछली सरकार में मंत्री रहे कई नेताओं को अलग-अलग कारणों से इस बार जगह नहीं दी गई है.
इनमें अर्जुन सिंह, हंसराज भारद्वाज, शिवराज पाटिल, रेणुका चौधरी, सैफ़ुद्दीन सोज, अश्विनी कुमार और ऑस्कर फ़र्नांडिस शामिल हैं.
एसएम कृष्णा सबसे बुज़ुर्ग मंत्री हैं
नई सरकार में 29 नए चेहरे होंगे. पहली बार जिन सांसदों और नेताओं को मंत्री बनने का मौका मिलेगा उनमें अगाथा संगमा, कृष्णा तीरथ, परनीत कौर, मल्लिकार्जुन खड़गे, एमके अझगिरी, ए साईप्रताप, गुरुदास कामथ, महादेव खंडेला, हरीश रावत, केवी थॉमस, सौगत रॉय, शिशिर अधिकारी, सुल्तान अहमद, मुकुल रॉय, मोहन जाटुआ, डी नेपोलियन, एस जगतरक्षकन, एस गांधी सेल्वन, सचिन पायलट, भरत सिंह सोलंकी, तुषारभाई चौधरी, अरुण यादव, प्रतीक प्रकाश बापू पाटिल, आरपीएन सिंह, विंसेंट पॉल और प्रदीप जैन शामिल हैं.
बुज़ुर्ग और युवाओं का मिश्रण
मंत्रिपरिषद में पुराने अनुभवी दिग्गज नेताओं के साथ-साथ युवाओं को भी तरजीह दी गई है.
कर्नाटक के मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के राज्यपाल रह चुके एसएम कृष्णा सबसे अधिक उम्र के सदस्य हैं. 77 साल के एसएम कृष्णा नई सरकार में विदेश मंत्री हैं.
शशि थरूर राज्य मंत्री बने हैं
वहीं पीए संगमा की बेटी अगाथा संगमा सबसे कम उम्र की मंत्री होंगी. वह महज 28 वर्ष की हैं.
उन्होंने उम्मीद जताई है कि उन्हें ग्रामीण विकास राज्य मंत्री का पद मिल सकता है.
इसके अलावा युवा मंत्रियों में उत्तर प्रदेश से जितिन प्रसाद, मध्य प्रदेश से ज्योतिरादित्य सिंधिया और राजस्थान से सचिन पायलट का नाम है.
माना जा रहा है कि युवा चेहरों को सरकार में शामिल कराने में कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने मुख्य भूमिका निभाई.
बिहार पीछे, तमिलनाडु आगे
लगभग डेढ़ दशक बाद ऐसा होगा कि केंद्र में बनने वाली किसी सरकार में बिहार का दबदबा नहीं होगा. वहां से सिर्फ़ एक कैबिनेट मंत्री हैं, कांग्रेस सांसद मीरा कुमार.
हालाँकि सबसे अधिक अस्सी सांसदों को संसद में भेजने वाले उत्तर प्रदेश से कोई भी कैबिनेट स्तर का मंत्री नहीं होगा. यहां से पांच नेताओं को राज्यमंत्री बनना तय हुआ है जिनमें दो को स्वतंत्र प्रभार दिया जाएगा.
मंत्रिपरिषद में बिहार का बोलबाला नहीं रहा
जबकि तमिलनाडु और महाराष्ट्र से कैबिनेट स्तर के पांच-पांच मंत्री होंगे.तमिलनाडु से कांग्रेस के पीचिदंबरम और जीके वासन, डीएमके के ए राजा, एमके अझगिरी और दयानिधि मारन शामिल कैबिनेट मंत्री होंगे.
महाराष्ट्र के जिन पांच नेताओं को मनमोहन सिंह की कैबिनेट में स्थान मिला है, उनमें कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख, मुकुल वासनिक, सुशील कुमार शिंदे, मुरली देवड़ा और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के शरद पवार शामिल हैं.


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