रैगिंग हुई तो ढाई लाख रुपए जुर्माना

यूजीसी के अध्यक्ष सुखदेव थोराट ने नये नियमों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि संस्थान की रैगिंग विरोधी समिति द्वारा दोषी पाए जाने पर अपराध की गंभीरता के हिसाब से कार्रवाई होगी।
रैगिंग करने वाले छात्र को पहले तो निलंबित कर दिया जाएगा। शैक्षिक सुविधाएं वापस ले ली जाएंगी, हॉस्टल से निकाल दिया जाएगा, पंजीकरण रद्द कर दिया जाएगा और एक समय तक वो छात्र किसी अन्य संस्थान में प्रवेश नहीं ले सकेगा। यही नहीं यदि वो इम्तहान दे चुका होगा तो उसके परिणाम रोक दिये जाएंगे।
15 जून से एंटी-रैगिंग हेल्पलाइन
वो छात्र किसी भी क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आयोजन में शामिल नहीं हो सकेगा। रैगिंग करने वाले की पहचान न होने पर सामूहिक सजा देने का प्रावधान किया गया है।
सुखदेव थोराट ने बताया कि 15 जून से यूजीसी की ओर से एक हेल्पलाइन शुरू की जा रही है, जिसका नंबर शीघ्र ही घोषित कर दिया जाएगा। उस नंबर पर पीडि़त छात्र-छात्राएं रैगिंग के खिलाफ शिकायत कर सकेंगे। इसके अंतर्गत एक विशेष सॉफ्टवेयर के माध्यम से पंद्रह मिनट के अंदर छात्र की शिकायत संस्थान के हेड तक पहुंच जाएगी।


Click it and Unblock the Notifications