बीडीआर विद्रोह का 'सियासी पहलू' भी था: जांच रिपोर्ट
अवकाश प्राप्त अधिकारी अनीसुजमां खान की ओर से सौंपी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले वर्ष नौवें आम चुनाव के समय बीडीआर के कुछ अधिकारियों ने अपनी शिकायतों को लेकर राजनीति संपर्क साधे थे। किसी प्रकार का सहयोग न मिलने पर उन्होंने आंदोलन करने की योजना बनाई।
रिपोर्ट के अनुसार, "जवानों की शिकायतें इतना गंभीर नहीं थीं। सुरक्षा बल हालत और अधिकारियों की हत्याओं के लिए उकसाने वालों पर काबू पा सकते थे। बीडीआर के विद्रोही जवानों को अप्रभावी किया जा सकता था।"
सरकार ने गुरुवार को 309 पृष्ठों वाली इस रिपोर्ट के सात पृष्ठों का सारांश जारी किया। उल्लेखनीय है कि बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया ने आरोप लगाया था कि सरकार चयनात्मक ढंग से जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक कर रही है।
गौरतलब है कि 25 और 26 फरवरी को बीडीआर जवानों के विद्रोह में सेना के 55 अधिकारियों सहित 81 लोग मारे गए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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