पांडा ने प्रधानमंत्री की बाइपास सर्जरी करने को सही ठहराया
केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) से एक निजी चिकित्सक को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के दिल का आपरेशन करने की अनुमति देने के कारणों का स्पष्टीकरण देने को कहने पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पांडा ने यह कहा।
पांडा ने एक बयान में कहा, "आम धारणा के विपरीत दूसरी बाईपास सर्जरी दिल के पहले आपरेशन की तुलना में काफी जटिल होती है। धड़कते दिल की दूसरी बाइपास सर्जरी तो और भी अधिक जटिल होती है और दुनिया के केवल कुछ ही सर्जन इसमें लगातार अच्छा परिणाम हासिल कर पाते हैं।"
सूचना के अधिकार के तहत एक याचिका दाखिल करने वाले जगदीशचंद्र जेटली उन नियमों और कारणों को जानना चाहते थे, जिनके तहत मुंबई के एशियन हार्ट इंस्टीट्यूट के पांडा और उनके दल को एम्स में प्रधानमंत्री का आपरेशन करने को कहा गया।
जेटली ने अपनी याचिका में कहा कि देश के अग्रणी संस्थान में एक निजी चिकित्सक से प्रधानमंत्री का आपरेशन कराने से "देश के सबसे अच्छे चिकित्सकों,उपकरणों और सुविधाओं से लैस एम्स की छवि को नुकसान पहुंचा है।"
जेटली के प्रश्न का उत्तर देते हुए एम्स ने कहा कि पांडा को आमंत्रित करने का निर्णय प्रधानमंत्री कार्यालय और मनमोहन सिंह के परिवार के सदस्यों ने संयुक्त रूप से लिया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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