ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने भारतीय छात्रों की सुरक्षा का आश्वासन दिया(लीड-1)
समाचार पत्र 'हेराल्ड सन' के अनुसार 21 वर्षीय सौरभ शर्मा की गत नौ मई को कुछ हमलावरों ने पिटाई कर दी थी। समाचार पत्र के अनुसार इस सिलसिले में 16 और 18 साल के दो किशोरों से पूछताछ की गई है।
हमले में छात्र के गाल की हड्डी और एक दांत टूट गया था। यह पूरी घटना क्लोज सर्किट कैमरा पर रिकार्ड हो गई। शर्मा का कहना है कि हमले के दौरान उसके साथ नस्लभेदी टिप्पणी और लूटपाट की गई।
आस्ट्रेलिया की उप प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री जुलिया गिलार्ड ने संसद में एक बयान में कहा,"मैं बहुत स्पष्ट संदेश देना चाहती हूं कि विदेशी छात्रों का देश में स्वागत है और उनसे भेदभाव या उनके प्रति अपराध को सहन नहीं किया जाएगा।"
मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार विदेशी छात्रों के अनुभवों पर चर्चा के लिए उनके प्रतिनिधियों के साथ गोलमेज सम्मेलन आयोजित करेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार ने भारतीय छात्रों के खिलाफ हमलों को बहुत गंभीरता से लिया है। इससे एक सुरक्षित देश होने की आस्ट्रेलिया की छवि को धक्का लगा है।
आस्ट्रेलिया के भारत में उच्चायुक्त जान मैकार्थी ने भारतीय छात्रों की सुरक्षा के संबंध में किए गए प्रयासों की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार ने एक हॉटलाइन स्थापित की है,जो भारतीय छात्रों को सूचना और सलाह देगी।
एक आस्ट्रेलियाई पुलिस अधिकारी भारत जाकर भविष्य में यहां आने वाले छात्रों को सड़कों पर हिंसा से बचने के गुर सिखाएगा।
रेडियो आस्ट्रेलिया ने गुरुवार को खबर दी कि पुलिस विभाग में संपर्क अधिकारी वरिष्ठ कांस्टेबल विक्टर रॉब ने कहा है कि वह सिर्फ सुरक्षा के तरीकों के बारे में सुझाव देंगे।
रॉब ने कहा, "अगर मेरी बेटी भी विदेश पढ़ने जाएगी तो उसे भी मैं वही जानकारी दूंगा।"
आंध्र प्रदेश के श्रवण कुमार नाम के एक छात्र पर मेलबर्न में बीते सप्ताह किशोरों के एक समूह ने हमला किया था। वह इस समय गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है।
विक्टोरिया यूनिवर्सिटी में अंतर्राष्ट्रीय छात्रों से संबंद्ध उपाध्यक्ष एंड्रयू होलोवे ने कहा कि यह हमला नस्लभेद की वजह से नहीं हुआ। लेकिन इससे तथ्य सामने आया है कि भारतीय छात्र अक्सर अंशकालिक नौकरियां करते हैं और इसलिए उन्हें बहुत रात के समय सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करना पड़ता है।
उधर मेलबर्न में एक और भारतीय छात्र के साथ कुछ लोगों ने लूटपाट की और उसके पेट में चाकू घोंप दिया। इतना ही नहीं जब छात्र हमलावरों के आगे गिड़गिड़ाया, तो उन्होंने उसका मखौल उठाया।
हेराल्ड सन ने खबर दी है कि बलजिंदर सिंह नाम का छात्र सोमवार को रेलवे स्टेशन से निकला ही था कि हथियारों से लैस दो व्यक्तियों ने उसका पीछा कर उससे पैसा मांगना शुरू कर दिया। छात्र झोले में से अपना बटुआ ढूंढ ही रहा था कि हमलावरों ने उसके पेट में चाकू घोंप दिया।
बलजिंदर ने बताया,"वे लोग मुझ पर हंसे और उन्होंने मेरे पेट में चाकू घोंप दिया। वे मुझ पर हंस रहे थे..मैं चिल्ला रहा था मुझे मत मारो। मुझे मत मारो।"
25 वर्षीय छात्र ने बताया कि हमले की बढ़ती घटनाओं की वजह से भारतीय छात्रों में भय बढ़ रहा है। बलजिंदर ने बताया कि कभी वह समझता था कि मेलबर्न रहने के लिए सबसे सुरक्षित जगह है लकिन अब लग रहा है कि भारतीय लोगों को आसानी से शिकार बनाया जा रहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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