राहुल गांधी ने बुंदेलखंड से किया वादा निभाया
बुंदेलखंड की राहुल गांधी के लिए खास अहमियत रही है। वे जब भारत को जानने निकले थे तो उन्होंने सबसे पहले इसी क्षेत्र में पड़ाव डाला था। राहुल इस इलाके के उस दर्द को भी जान चुके हैं जो काफी गहरा है। उन्होंने एक दलित परिवार के घर न केवल रात गुजारी थी बल्कि उसके घर में खाना खाकर उसकी तकलीफों को भी जाना था। मजदूरों के हाथों के छालों को भी उन्होंने यहीं पर महसूस किया था।
बुंदेलखंड के लोगों की समस्याओं ने राहुल गांधी को अंदर तक हिला कर रख दिया था। यही वजह थी कि उन्होंने इस अंचल की समस्याओं को लेकर झांसी की सड़कों पर प्रदर्शन किया था। बात जब लोकसभा चुनाव की आई तो वे यहां प्रचार के लिए भी पहुंचे। झांसी की सभा में उन्होंने साफ तौर पर कहा था कि अगर आपने कांग्रेस के उम्मीदवार को जिताया तो यहां के विकास की दिशा दिल्ली से तय होगी। राहुल ने जो वादा किया था वह गुरुवार को पूरा होता दिखा जब झांसी के सांसद प्रदीप जैन को बतौर राज्यमंत्री शपथ दिलाई गई।
राहुल गांधी ने प्रदीप जैन को सिर्फ मंत्री ही नहीं बनवाया है बल्कि वह वादा भी निभाया है जो उन्होंने चुनाव के दौरान झांसी में किया था। इस तरह उन्होंने इस इलाके की उस उम्मीद को पूरा भी किया है जिसकी आस लगाकर यहां के मतदाताओं ने कांग्रेस के उम्मीदवार को जिताया था।
झांसी के समाजसेवी जगरूप सचान कहते हैं कि जब राहुल गांधी ने चुनावी सभा में क्षेत्र के विकास की दिशा दिल्ली से तय होने की बात कही थी तो लगता था कि नेता ऐसे वादे करते ही रहते हैं, परंतु राहुल गांधी ने झांसी के सांसद को मंत्री बनवाकर उस वादे को पूरा कर दिया है जो आम तौर पर नेता भूल जाते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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