भारत-पाक की परमाणु होड़ से अमेरिका चिंतित
समाचार पत्र 'वाशिंगटन पोस्ट' में गुरुवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट में कहा गया कि ऐसे समय जब सोमवार को उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षण की सूचना मिली है, अमेरिकी अधिकारी दक्षिण एशिया की घटनाओं पर नजर रखे हुए हैं। इस क्षेत्र में परमाणु गतिविधियों की होड़ के साथ सबसे बड़ा खतरा उनके आतंकवादियों के हाथों में पड़ सकने की आशंका है।
उल्लेखनीय है कि अगले वर्ष में किसी समय पाकिस्तान की राजधानी के दक्षिण में स्थित एक संयंत्र से प्लूटोनियम का निर्माण आरंभ हो जाएगा। इससे बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों के लिए वारहेड बनाए जा सकते हैं, जिन्हें युद्धपोतों, पनडुब्बियों और लड़ाकू विमानों से दागा जा सकता है।
उधर भारत के इंजीनियर भी आंशिक रूप से रूसी मिसाइलों की डिजाइन का सहारा लेकर परमाणु वारहेड ले जाने में सक्षम क्रूज मिसाइलें बनाने का प्रयास कर रहे हैं। भारत अग्नि बैलिस्टिक मिसाइलों को परमाणु वारहेड ढोने में सक्षम बनाने के साथ ही अपनी अल्पविकसित मिसाइल सुरक्षा प्रणाली में भी अगले वर्ष सुधार करना चाहता है।
एक अमेरिकी खुफिया अधिकारी ने कहा कि भारत और पाकिस्तान की परमाणु हथियारों की होड़ के और गति पकड़ने की उम्मीद है, यद्यपि आकार और विविधता में इसके शीतयुद्ध के दौरान सोवियत संघ-अमेरिका परमाणु होड़ के समान होने की आशा नहीं है।
रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान का कहना है कि वह अपने परमाणु कार्यक्रम का विस्तार नहीं वरन आधुनिकीकरण कर रहा है। एक वरिष्ठ पाकिस्तानी अधिकारी ने कहा कि सरकार ने अमेरिका और भारत की नाराजगी के भय से परमाणु हथियार ढोने में सक्षम मिसाइलों के परीक्षण से मना किया है।
भारत के पूर्व अधिकारियों का कहना है कि एक शक्तिशाली थर्मोन्यूक्लियर वारहेड के सुधार और परीक्षण के प्रयास जारी हैं। भारतीय राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड के पूर्व सदस्य और नई दिल्ली के राष्ट्रीय सुरक्षा अध्ययन के पालिसी रिसर्च केंद्र के प्रोफेसर भरत कर्नाड ने कहा,"डिलीवरी सिस्टम की दृष्टि से भारत अच्छा कर रहा है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications