केंद्र ने असम से आतंकवाद प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ाने को कहा
दीमा होलाम दाओघ या ब्लैक विडो समूह के हमलों के बढ़ने के कारण सुरक्षा स्थिति की समीक्षा करने के लिए केंद्र सरकार का पांच सदस्यीय दल मंगलवार को असम पहुंचा। इस दल ने गुवाहाटी में एक बैठक कर स्थिति की समीक्षा की।
लुमदिंग-बदरपुर का 221 किलोमीटर लंबा रेल खंड भारत का एकमात्र स्थान है, जहां बुलेट प्रूफ रेल इंजन चलाए जाते हैं। यह रेलखंड पूरे देश से दक्षिणी असम, दक्षिणी मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा को जोड़ने वाला एकमात्र रेलमार्ग है।
बैठक में मौजूद असम सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने गुरुवार को गुवाहाटी में पत्रकारों को बताया कि केंद्र सरकार के दल ने असम सरकार और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को निर्देश दिया है कि सेना की तैनाती सहित सभी प्रयास करके आतंकवाद को समाप्त किया जाए तथा राज्य के दक्षिणी हिस्से में सामान्य स्थिति बहाल की जाए।
उत्तरी कछार जिले के एक अधिकारी ने बताया कि वर्ष 2006 के बाद से रेलगाड़ियों पर हुए हमले में रेल अधिकारियों सहित 80 लोगों की मौत हुई है।
इस रेल खंड पर सुरक्षा कारणों से 15 अप्रैल से सभी रेल सेवाएं स्थगित हैं। इससे इलाके में यातायात की समस्या के साथ ही आवश्यक वस्तुओं खासकर खाद्यान्नों की कमी हो गई है।
असम के मुख्य सचिव पी.सी.शर्मा और पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के महाप्रबंधक आशुतोष स्वामी भी सुरक्षा समीक्षा बैठक में उपस्थित थे।
शर्मा ने गुवाहाटी में संवाददाताओं से कहा कि असम सरकार सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है और शीघ्र ही पहाड़ी जिले में रेल सेवा बहाल कर दी जाएगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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