अमेरिका, दक्षिण कोरिया ने उत्तर कोरिया पर निगरानी बढ़ाई
सियोल, 28 मई (आईएएनएस)। उत्तर कोरिया द्वारा दक्षिण कोरिया के साथ संघर्षविराम समझौते को अवैध घोषित करने और युद्ध की धमकी देने के बाद अमेरिका और दक्षिण कोरिया ने उस पर निगरानी बढ़ा दी है।
समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार दक्षिण कोरियाई समाचार एजेंसी योन्हेप ने रक्षा मंत्रालय के अधिकारी के हवाले से जानकारी दी है कि अमेरिका और दक्षिण कोरिया ने उत्तर कोरिया पर निगरानी बढ़ा दी है। वर्ष 2006 में उत्तर कोरिया द्वारा प्रथम परमाणु परीक्षण किए जाने के बाद पहली बार निगरानी बढ़ाई गई है।
रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता वॉन ताए जय के अनुसार कर्मियों के अलावा अतिरिक्त खुफिया उपाय किए जाएंगे और उत्तर कोरिया पर निगरानी अभियानों में इजाफा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि युद्ध सतर्कता का स्तर चार पर बना हुआ है।
उत्तर कोरिया ने सोमवार को परमाणु परीक्षण किया था और बुधवार को दक्षिण कोरिया के साथ 1950-53 के कोरियाई युद्ध के बाद हुए संघर्ष विराम समझौते को यह कहकर अवैध घोषित कर दिया कि वह नहीं समझता कि उसे अब इसकी जरूरत है।
उत्तर कोरिया ने यह भी धमकी दी है कि अब अमेरिकी और दक्षिण कोरियाई पोतों की सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं रहेगी।
इस बीच दक्षिण कोरिया में अमेरिकी नेतृत्व वाली कमान ने उत्तर कोरिया का यह दावा खारिज कर दिया है कि वह संघर्ष विराम समझौते से बंधा नहीं हैं। कमान की ओर से जारी बयान में कहा गया है, "संघर्षविराम बरकरार रहेगा और वह उस पर हस्ताक्षर करने वाले सभी देशों के लिए बाध्यकारी होगा।"
बयान में कहा गया है कि यह समझौता 55 वर्षो से ज्यादा अर्से से लागू है। कमान इस संघर्ष विराम समझौते की शर्तो और उसका समर्थन करने वाले तंत्र पर अडिग रहेगी। अमेरिका के 28,500 सैनिक दक्षिण कोरिया में तैनात है।
उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षण की संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सर्वसम्मति से निंदा हुई है और वहां उसके खिलाफ प्रतिबंध लगाने पर विचार-विमर्श जारी है।
अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने बुधवार को कहा था कि उत्तर कोरिया को परमाणु परीक्षण करने और पड़ोसी देशों को धमकाने का परिणाम भुगतना होगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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