'अवाक्स' वायु सेना के बेड़े में शामिल
अवाक्स ने इजरायल से उड़ान भरी और वायुसेना के लड़ाकू विमानों की निगरानी में यह गुजरात के जामनगर हवाई अड्डे पर उतरा।
अवाक्स हवा में उड़ते दुश्मन के विमानों का पता लगाने और दुश्मन के हवाई संचार को सुनने में सक्षम है। इस प्रणाली को विशाल परिवहन विमान आईएल-76 में लगाकर उसे नया रूप दिया गया है।
रक्षा मंत्री ए.के. एंटनी ने इस प्रणाली को राष्ट्र को समर्पित करते हुए अन्य दो अवाक्स की आपूर्ति को लेकर उत्सुकता प्रकट की।
एंटनी ने अवाक्स को बेड़े में शामिल किए जाने के समय आयोजित समारोह में कहा, "इस परियोजना पर वर्ष 2004 में हस्ताक्षर किए गए थे.. पांच वर्ष लंबा अरसा होता है..मुझे उम्मीद है कि रूस और इजरायल की सरकारों और हमारे लोगों द्वारा की गई कड़ी मेहनत के बाद शेष दो अवाक्स हमें समय पर मिल जाएंगे।" समारोह में इजरायल और रूस के राजदूत भी मौजूद थे।
अवाक्स परियोजना दरअसल भारत, रूस और इजरायल के बीच हुआ त्रिपक्षीय सौदा है। वर्ष 2004 में तीन अवाक्स का सौदा 1.1 अरब रुपये में हुआ था।
अवाक्स के बेड़े में शामिल होने के बाद भारत अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, जापान, आस्ट्रेलिया और तुर्की की श्रेणी में आ गया है जो इस विशिष्ट प्रणाली से लैस हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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