एमआरएफ ने अराकोनम में तालाबंदी हटाई, हड़ताल 19 वें दिन भी जारी
उधर श्रम आयुक्त कार्यालय के बाहर धरना दे रहे अराकोनम संयंत्र के कामगारों और परिजनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
दोनों संयंत्रों के कामगार पिछले 9 मई को हड़ताल पर चले गए थे। कामगार प्रतिद्वंद्वी लेबर यूनियन और प्रबंधन के बीच हुए वेतन समझौते से संतुष्ट नहीं हैं इसीलिए वे अपना विरोध जता रहे हैं। दोनों संयंत्रों में उत्पादन ठप है।
इस पूरे मामले को देखते हुए एमआरएफ प्रबंधन ने अराकोनम संयंत्र में 17 मई को तालाबंदी की घोषणा कर दी थी।
पुडुचेरी इकाई के एमआरएफ युनाइटेड वर्कर्स यूनियन के महासचिव एस. सत्यनारायण ने आईएएनएस से कहा कि करीब 1400 कर्मचारी 19 दिन से हड़ताल पर हैं।
इस बीच यूनियन ने कहा कि वेलौर प्रशासन के साथ उनकी वार्ता सफल नहीं हो पाई क्योंकि कलेक्टर ने कहा कि मामला अदालत के समक्ष विचाराधीन है इसीलिए प्रशासन इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकता।
मद्रास उच्च न्यायालय ने आदेश दिया था कि प्रदर्शनकारी संयंत्र के कर्मचारियों के आवागमन में बाधा नहीं पहुंचाएं। इसके बाद यूनियन संयंत्र स्थल को छोड़ प्रदेश की राजधानी में अपना प्रदर्शन कर रही है।
एमआरएफ युनाइटेड वर्कर्स यूनियन का कहना है कि किस यूनियन के साथ अधिक सदस्य हैं इसका पता लगाने के लिए एमआरएफ प्रबंधन गुप्त मतदान कराए और फिर जो यूनियन बड़ी हो उससे समझौता करे।
इस बीच एमआरएफ प्रबंधन ने एक बयान जारी कर कहा कि वर्कर वेलफेयर यूनियन के साथ समझौता हो गया है जिसमें सभी कर्मचारियों के भत्ते बढ़ा दिए गए हैं और तत्काल उन्हें 15,000 रुपये दिए जाएंगे।
कंपनी ने कहा कि सेवानिवृत्ति की आयु भी 55 से बढ़ाकर 58 वर्ष कर दी गई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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