भारती, एमटीएन के प्रस्तावित सौदे के प्रति विशेषज्ञ सशंकित
जोहांसबर्ग, 27 मई (आईएएनएस)। भारतीय दूरसंचार सेवा प्रदाता कंपनी भारती एयरटेल और दक्षिण अफ्रीका की कंपनी एमटीएन के बीच प्रस्तावित सौदे के प्रति शुरुआती उत्साह के बाद विशेषज्ञों ने आशंका जताई है कि इससे शेयर धारकों को उचित कीमत मिलेगी अथवा नहीं।
इन आशंकाओं को उस समय बल मिला जब सोमवार को इस संबंध में हुई घोषणा के बाद लगातार दो दिनों तक भारती के शेयरों के दाम कम हुए और एमटीएन के शेयरों की कीमतें भी 4.46 फीसदी तक घटीं।
दोनों कंपनियों द्वारा सोमवार को की गई घोषणा के मुताबिक वे एक ऐसे समझौते पर पहुंचने की कोशिश कर रही हैं जिसमें भारती, एमटीएन के 36 फीसदी शेयरों की मालिक होगी जबकि एमटीएन की भारती में 25 फीसदी हिस्सेदारी होगी।
दोनों कंपनियों ने कहा है कि वे एक साथ मिलकर ऐसी बड़ी कंपनी बनाना चाहती हैं जिसका अफ्रीका, भारत और मध्यपूर्व के दूरसंचार बाजार में खासा दबदबा हो।
इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कारपोरेशन के अफ्रीकी कम्युनिकेशंस प्रमुख रिचर्ड हर्स्टने अफ्रीकी दैनिक समाचार पत्र द बील्ड को बताया, "अल्प अवधि में यह सौदा उतना बेहतर नहीं दिखता जितना यह हो सकता है।"
भारती ने शेयरधारकों को एमटीएन के प्रत्येक शेयर के बदले भारती का आधा शेयर और 86 रैंड (497 रुपये) देने की पेशकश की है।
विश्लेषकों ने चिंता जताई है कि यदि भारती के शेयरों की कीमतों में गिरावट जारी रही तो एमटीएन के शेयरों की कीमतें भी नीचे आ सकती हैं।
ग्रीफॉन एसेट्स मैनेजमेंट के पोर्टफोलियो मैनेजर जान मेंटजेस ने कहा कि पिछले वर्ष दोनों कंपनियों की बातचीत इसलिए अवरुद्ध हो गई थी क्योंकि दोनों में से कोई दूसरे को अपने आप पर हावी नहीं होने देना चाह रहा था।
मेंटिजिस ने कहा, "दुनिया पिछले वर्ष की तुलना में बदल चुकी है और शायद आर्थिक मंदी ने उनके अहम को भी छोटा किया है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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