दवा से फिंगर प्रिंट मिटे, मरीज को घंटों हवाई अड्डे पर रोका
उसके चिकित्सक ने कैपेसिटाबिन नामक प्रचलित कैंसर रोधी दवा का सेवन करने वाले सभी कैंसर रोगियों से कहा कि यदि वे अमेरिका की यात्रा करना चाहते हैं तो
अपने चिकित्सक का एक पत्र साथ रखें।
चिकित्सक ने कहा कि कई अन्य कैंसर रोगियों ने भी अपने ब्लाग्स पर फिंगर प्रिंट खत्म होने और अमेरिका में प्रवेश के दौरान ऐसी ही समस्या आने की सूचना दी है।
सिंगापुर के नेशनल कैंसर सेंटर के वरिष्ठ सलाहकार एंज-हुआत टैन ने बताया कि एक 62 वर्षीय व्यक्ति को सिर और गले का कैंसर था। कीमोथेरेपी से उसे काफी फायदा हुआ। कैंसर के पनपने को रोकने के लिए उसे कैपेसिटाबिन लेने की सलाह दी गई। इस दवा का उपयोग सिर,गले,छाती और पेट के कैंसर के इलाज में बहुतायत से होता है।
इसके दुष्प्रभाव से हथेलियों और पैरों के तलवों में भारी सूजन आती है। इससे त्वचा छिल सकती है,खून बह सकता है और अल्सर तथा फफोले हो सकते हैं।
टैन ने कहा कि इसी कारण से फिंगर पिंट्र मिट जाते हैं।
जिस रोगी को अमेरिका में पकड़ा गया था, उसके हाथों में हल्की सूजन थी और दिनचर्या प्रभावित नहीं हो रही थी। दिसम्बर 2008 में करीब तीन वर्ष तक कैपेसिटाबिन का सेवन करने के बाद वह अपने रिश्तेदारों से मिलने अमेरिका गया था। रोगी की पहचान नहीं बताई गई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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