लाहौर में कार बम विस्फोट, इमारत जमींदोज, 40 मरे (लीड-3)

पाकिस्तान के लाहौर शहर के व्यस्ततम सिविल लाइंस इलाके में बुधवार सुबह एक इमारत के बाहर हुए शक्तिशाली कार बम विस्फोट में करीब 40 लोग मारे गए और 100 से ज्यादा घायल हो गए।

करीब 100 किलोग्राम विस्फोटकों से लदी कार में तिमंजिली रेस्क्यू-15 इमारत के बाहर विस्फोट हुआ। विस्फोट में इमारत ढह गई। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के प्रांतीय मुख्यालय के समीप इस इमारत में आपात पुलिस बल का कार्यालय था।

इस सिलसिले में दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। घटनास्थल पर हेलीकाप्टरों को मंडराते और राहतकर्मियों को मलबे में फंसे लोगों को निकालते देखा गया। सुरक्षाकर्मियों ने आसपास की इमारतों की छतों पर पोजीशन ले रखी है।

हमले का ब्यौरा देते हुए एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी सज्जाद भुट्टा ने कहा कि एक कार आपात पुलिस बल और आईएसआई कार्यालयों के बीच आई। उसमें कई बंदूकधारी सवार थे। उन्होंने बताया, "कुछ लोगों ने वाहन से बाहर निकलकर आईएसआई कार्यालय की ओर गोलियां दागनी शुरु कर दीं। इमारत में तैनात सुरक्षाकर्मी ने जवाबी गोलीबारी की।"

उन्होंने बताया कि गोलीबारी अभी चल ही रही थी कि तभी कार में धमाका हो गया। भुट्टा का अनुमान है कि विस्फोट में करीब 40 लोग मारे गए। मरने वालों में 12 पुलिस अधिकारी हैं। कम से कम 27 पुलिस प्रशिक्षु भी मारे गए हैं।

विस्फोट के बाद भी गोलीबारी की आवाजें सुनी गईं। धमाका इतना जबरदस्त था कि आसपास की इमारतों के शीशे चकनाचूर हो गए और कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।

मुहम्मद अली नाम के एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, "धमाका होते ही मेरी आंखों के आगे अंधेरा छा गया। जिस तरह धमाका हुआ और गोलियों की बौछार हुई, उससे ऐसा लगा जैसे कोई जंग लड़ी जा रही हो।"

यह विस्फोट उस दिन किया गया जब जमात-उद-दावा प्रमुख हाफिज सईद को करीब ही स्थित लाहौर उच्च न्यायालय में पेश किया जाना था।

द न्यूज वेबसाइट के अनुसार, "बम निरोधक दस्ते का कहना है कि कार बम विस्फोट में 100 किलोग्राम विस्फोटक इस्तेमाल किए गए।" वेबसाइट के अनुसार घटनास्थल से एक आत्मघाती जैकेट और एक हथगोला भी बरामद किया गया।

गृह मंत्रालय के प्रमुख रहमान मलिक ने कहा कि आतंकवादी देश के पश्चिमोत्तर हिस्से में परास्त हो चुके हैं और इसलिए अब उन्होंने लाहौर का रुख किया है।

मलिक ने कराची में संवाददाताओं को बताया, "संघीय प्रशासित कबायली क्षेत्र (एफएटीए)में हालात अब काबू में हैं और स्वात में कार्रवाई जारी है। हमें इस तरह के हमले की चेतावनी पहले ही मिल चुकी थी।"

गत 3 मार्च को आतंकवादियों ने लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में श्रीलंकाई क्रिकेट खिलाड़ियों पर हमला किया था। इस हमले में सात खिलाड़ी और टीम के सहायक कोच घायल हो गए थे और उनकी हिफाजत में तैनात छह पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मी मारे गए थे।

इस हमले के एक ही महीने बाद पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने लाहौर के बाहरी हिस्से में मानावान पुलिस प्रशिक्षण अकादमी पर हमला किया था।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

*

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+