इंटरमीडिएट में रहा लड़कियों का दबदबा

इलाहाबाद में एक संवाददाता सम्मेलन में नतीजों के जानकारी देते हुए बोर्ड के निदेशक कृष्ण मोहन त्रिपाठी ने बताया कि वर्ष 2009 में इंटरमीडिएट परीक्षा में सम्मिलित कुल 20,61,808 छात्र-छात्राओं में 16,39,615 को सफलता प्राप्त हुई है। शिक्षा निदेशक के मुताबिक इंटरमीडिएट के परिणाम http://upresults.nic.in पर देखे जा सकते हैं।
73.14 फीसदी छात्र पास
कृष्ण मोहन त्रिपाठी ने बताया कि एक बार फिर बालिकाएं अपना दबदबा बनाने में कामयाब रही हैं। कुल उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं में 88.63 प्रतिशत छात्राएं हैं जबकि उत्तीर्ण होने वालों छात्रों का प्रतिशत 73.14 प्रतिशत है। इसके अलावा कुल उत्तीर्ण संख्या में 7600 छात्राएं और 7040 छात्र सम्मान सहित (75 फीसदी या उससे ऊपर) उत्तीर्ण हुए हैं।
निदेशक ने बताया कि वर्ष 2009 की इंटरमीडिएट परीक्षा में कुल 21,22,789 छात्र नामांकित हुए थे, जिसमें से 20,61,808 छात्र परीक्षा में शामिल हुए थे। राज्य के सभी 71 जिलों में कुल 8234 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए कुल 41917 परीक्षकों को नियुक्त किया गया था।
मऊ, आजमगढ़ के परिणाम 90 प्रतिशत से ऊपर
बोर्ड की सचिव प्रभा त्रिपाठी ने बताया कि राज्य में सबसे ज्यादा उत्तीर्ण होने वाले छात्रों की संख्या मऊ जिले में 92.06 रही। आजमगढ़ 91.31 फीसदी उत्तीर्ण छात्रों की संख्या के साथ दूसरे स्थान पर रहा। प्रदेश के झ्झांसी जिले में सबसे कम 56.32 फीसदी छात्र उत्तीर्ण हुए।
पिछले वर्षो की तरह बोर्ड ने इस वर्ष मेधावी सूची नहीं जारी की। निदेशक कृष्ण मोहन त्रिपाठी ने कहा कि काफी विचार विमर्श करने के बाद यह फैसला किया गया कि इस वर्ष मेधावी सूची जारी नहीं की जाएगी। मेधावी सूची जारी नहीं करने के पीछे तर्क देते हुए उन्होंने कहा कि अन्य किसी बोर्ड में मेधावी सूची जारी नहीं होती है। इसके अलावा इंटरनेट पर आसानी से परिणाम उपलब्ध हो जाते हैं। ऐसे में मेधावी सूची जारी करने की आवश्कता महसूस नहीं की गई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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