अब चुनाव लड़ सकेंगे शरीफ़ बंधु

पाकिस्तान में सुप्रीम कोर्ट ने नवाज़ शरीफ़ और उनके भाई शाहबाज़ शरीफ़ के चुनाव लड़ने पर लगा प्रतिबंध हटा दिया है. शरीफ़ बंधुओं ने फ़ैसले का स्वागत किया है.इस तरह अब नवाज़ शरीफ़ के नेतृत्त्व में पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज़ अगला आम चुनाव लड़ सकती है.
नवाज़ शरीफ़ ने फ़ैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि अब वह लोगों की उम्मीदें पूरी करने के लिए काम करेंगे. ये फ़ैसला आते ही नवाज़ शरीफ़ समर्थकों ने जश्न मनाना शुरू कर दिया. दो बार प्रधानमंत्री रहे नवाज़ शरीफ़ के उपचुनाव में उतरने पर पिछले साल जून में लाहौर उच्च न्यायालय ने रोक लगा दी थी.
उसके बाद इस साल की शुरुआत में सुप्रीम कोर्ट ने उस रोक को उचित ठहराया था.इतना ही नहीं कोर्ट ने उनके भाई शाहबाज़ शरीफ़ को भी चुनाव लड़ने के अयोग्य क़रार दिया था.
मामला
नवाज़ शरीफ़ पर प्रतिबंध लगने के बाद पाकिस्तान भर में प्रदर्शन हुए थे. हाईकोर्ट ने कहा था कि नवाज़ शरीफ़ को 1999 में एक अपराध के लिए दोषी ठहराया जा चुका है इसलिए उन्हें चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं दी जा सकती है.
उन पर 1999 में तत्कालीन सेना प्रमुख जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ को ले जा रहे विमान के अपहरण के आरोप में सज़ा सुनाई गई थी. जिस सुप्रीम कोर्ट ने लाहौर हाईकोर्ट के फ़ैसले को सही ठहराया था उसमें अधिकतर जज परवेज़ मुशर्रफ़ के कार्यकाल के थे.
नवाज़ शरीफ़ पहले से ही सुप्रीम कोर्ट के बर्ख़ास्त जज इफ़्तिख़ार मोहम्मद चौधरी की बहाली का मुद्दा उठा रहे थे और उस फ़ैसले के बाद उन्होंने बहाली के मुद्दे पर इस्लामाबाद की ओर मार्च का कार्यक्रम रख दिया.
मार्च महीने में बड़ी संख्या में वकीलों और आम लोगों ने देश भर से इस्लामाबाद की ओर मार्च शुरू किया जिसके बाद दबाव में आकर केंद्र सरकार ने जजों की बहाली की घोषणा की थी.उसके बाद सरकार ने भी कहा था कि वो नवाज़ शरीफ़ के चुनाव नहीं लड़ सकने वाले फ़ैसले को चुनौती देगी और इफ़्तिख़ार मोहम्मद चौधरी को तब बहाल कर दिया गया था.


Click it and Unblock the Notifications