पंजाब: सीएम ने बुलायी सर्वदलीय बैठक

विएना में डेरा सच खंड के संतों पर हमले की पंजाब में उग्र प्रतिक्रिया को देखते हुए मुख्यमंत्री बादल ने सर्वदलीय बैठक बुलाई है. पंजाब में कई स्थानों पर कर्फ़्यू है. मुख्यमंत्री ने इस घटना पर खेद जताते हुए लोगों से शांति की अपील की है.
उल्लेखनीय है कि विएना के एक गुरुद्वारे में रविवार को डेरा सच खंड के प्रमुख निरंजन दास और उनके सहायक रामानंद पर हमले के बाद पंजाब में हिंसा भड़क उठी थी और चार स्थानों पर कर्फ़्यू लगाना पड़ा था.
पंजाब में हिंसक प्रतिक्रिया
इस हमले में डेरे के सहायक संत रामानंद की मौत हो गई है और निरंजन दास गंभीर रूप से घायल हैं. हमले में 16 लोग घायल हुए हैं.
इस घटना के बाद पंजाब में कई स्थानों पर उग्र प्रदर्शन हुए और जालंधर में भीड़ पर काबू पाने के लिए पुलिस को गोली चलानी पड़ी जिसमें एक शख्स की मौत हो गई.
बीबीसी संवाददाता बीनू जोशी के अनुसार भारत प्रशासित जम्मू कश्मीर की शीतकालीन राजधानी जम्मू से शुरू होने वाली 16 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है.
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि ये ट्रेनें पंजाब होकर जाती हैं और वहाँ आंदोलनकारियों ने रेल मार्ग बाधित कर रखा है.
हिंसा के बाद कर्फ़्यू
इधर प्रशासन ने पंजाब के चार ज़िलों जालंधर, फगवाड़ा, होशियारपुर और लुधियाना में कर्फ़्यू लगा दिया है और तीन स्थानों पर सेना को पुलिस-प्रशासन की सहायता के तैनात कर दिया है.
विएना में डेरा सच खंड के संतों पर हुए हमले की उग्र प्रतिक्रिया हुई है. जालंधर समेत आसपास के सभी इलाक़ों में स्थिति तनावपूर्ण है. जालंधर में प्रदर्शनकारियों ने आगजनी की और स्टेशन पर खाली खड़ी ट्रेन में आग लगा दी जिससे कई बोगियां जल गईं.
अमृतसर में प्रदर्शनकारियों ने विरोध व्यक्त किया, साथ ही लोगों ने दिल्ली-अंबाला राजमार्ग जाम कर दिया. फगवाड़ा में प्रदर्शनकारियों ने ट्रेनों को निशाना बनाया. पटियाला में भी तोड़फोड़ और प्रदर्शन हुआ, लुधियाना और होशियारपुर से भी हिंसा और प्रदर्शन की ख़बरें मिली हैं.
'कर्फ़्यू का प्रभाव नहीं'
इधर केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम ने कर्फ़्यू के दौरान ढिलाई को लेकर पंजाब सरकार को आड़े हाथों लिया है.
पंजाब में स्थिति बहुत सामान्य नहीं है. राज्य सरकार ने कुछ इलाकों में कर्फ़्यू लगा दिया है लेकिन मैं टेलीविज़न पर देख रहा था कि कर्फ़्यू का कोई प्रभाव नहीं है पी चिदंबरम, गृह मंत्री
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उनका कहना था कि पंजाब में स्थिति सामान्य नहीं है.
पत्रकारों से बातचीत में चिदंबरम ने कहा, "पंजाब में स्थिति बहुत सामान्य नहीं है. राज्य सरकार ने कुछ इलाकों में कर्फ़्यू लगा दिया है लेकिन मैं टेलीविज़न पर देख रहा था कि कर्फ़्यू का कोई प्रभाव नहीं है."
गृह मंत्री ने कहा कि अर्धसैनिक बलों की 11 कपंनियां पंजाब भेजी जा चुकी हैं, ज़रूरत पड़ी तो केंद्र सरकार और भी सुरक्षाबल भेजने को तैयार है. उनका कहना था कि केंद्र ने राज्य सरकार को हेलीकाप्टर भी मुहैया कराने का प्रस्ताव रखा है.
प्रधानमंत्री की अपील
इधर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने विएना में घटी घटना के कारण पंजाब में भड़की हिंसा पर गहरी चिंता जताते हुए लोगों से शांति और संयम बरतने की सोमवार को अपील की है.
मैं पंजाब में हिंसा की ख़बरों से आहत हूँ. कारण चाहे जो भी हों, समुदायों के बीच परस्पर भाईचारा और शांति व्यवस्था का क़ायम रहना ज़रूरी है प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह
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उन्होंने एक बयान में कहा, "मैं पंजाब में हिंसा की ख़बरों से आहत हूँ. कारण चाहे जो भी हों, समुदायों के बीच परस्पर भाईचारा और शांति व्यवस्था का क़ायम रहना ज़रूरी है.''
पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भारत के विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने कहा है, "हम पूरी स्थिति पर अपनी नज़र रखे हुए हैं. भारत सरकार विएना के उच्चाधिकारियों और वहाँ भारतीय दूतावास से लगातार संपर्क में है."
क्या है डेरा सच खंड
डेरा सच खंड पंजाब में दलितों और पिछड़ी जाति के लोगों के सबसे बड़े डेरे के तौर पर माना जाता है. हालांकि इस डेरे के अनुयायी हरियाणा, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश में हैं.
पंजाब में दोआबा के क्षेत्र में इस डेरे का ख़ासा प्रभाव है. संत रविदास के अनुयायियों का यह सबसे बड़ा डेरा माना जाता है. डेरे का पूरा नाम संत सरवणदास डेरा सच खंड- रायपुर बल्लां है और इसके प्रमुख संत निरंजनदास जी हैं. विएना में जिस संत की हत्या हुई है उनका नाम रामानंद जी है और वे इस डेरे के सहायक संत हैं.
सच खंड के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक संत रामानंद विएना में धर्म प्रचार के लिए गए हुए थे और गुरुद्वारे में इकट्ठा हुए लोगों को संबोधित कर रहे थे, उस दौरान उन पर कुछ हथियार बंद लोगों ने हमला किया.


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