जुलाई के पहले सप्ताह में पेश होगा बजट

उन्होंने एक निजी टेलिविज़न चैनल को दिए साक्षात्कार में कहा, "मैं एक और लेखानुदान पारित करवाना नहीं चाहता. बजट जुलाई के पहले सप्ताह में प्रस्तुत कर दिया जाएगा. "
अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने के लिए किसी और आर्थिक पैकेज के बारे में मुखर्जी ने कहा कि पिछले साल दिसंबर से सरकार पहले ही तीन आर्थिक पैकेजों की घोषणा कर चुकी है.
इस मौक़े पर उन्होंने कहा कि अंतरिम बजट में उन्होंने जो चिंताएँ रखी थीं और जो मुद्दे उठाए थे उस पर बजट में ध्यान दिया जाएगा.
सरकार को 31 जुलाई तक बजट पारित करवाना है क्योंकि अगर तब तक बजट पारित नहीं हुआ तब उस स्थिति में सरकार को एक लेखानुदान लाना पड़ सकता है.
आम लोगों पर ध्यान
हमने उन मुद्दों और क्षेत्रों की पहचान कर ली है जिन पर इस बजट में ध्यान देना है और पहला बजट तैयार करने में मैं मनमोहन सिंह के साथ मिलकर काम करूँगा प्रणब मुखर्जी, वित्त मंत्री
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मुखर्जी ने कहा, "हमने उन मुद्दों और क्षेत्रों की पहचान कर ली है जिन पर इस बजट में ध्यान देना है और पहला बजट तैयार करने में मैं मनमोहन सिंह के साथ मिलकर काम करूँगा."
वित्त मंत्री ने इस मौक़े पर कहा कि सरकार का पूरा ध्यान आम आदमी पर होगा, जिसका ज़िक्र कांग्रेस के घोषणा पत्र में भी किया गया है.
उन्होंने कहा, "पूरा ध्यान आम आदमी पर होगा." इस मौक़े पर उन्होंने ये भी कहा कि कांग्रेस के चुनाव घोषणा पत्र के अनुसार राष्ट्रीय रोज़गार गारंटी योजना के तहत न्यूनतम राशि 100 रुपए प्रति दिन की जानी है.
साथ ही उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा भी सरकार की प्राथमिकता में शामिल है.
आम चुनाव की वजह से सरकार मार्च से कोई नीतिगत फ़ैसला नहीं कर सकी है मगर वित्त मंत्री ने विश्वास दिलाया है कि वैश्विक आर्थिक संकट की वजह से मुश्किलें झेल रही भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए हर ज़रूरी क़दम उठाया जाएगा.
यूरोप में अर्थव्यवस्था में सुधार को संतोषजनक नहीं मानते हुए मुखर्जी ने कहा कि बजट में संकटग्रस्त वस्त्र, चमड़ा और रत्न-आभूषण क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाएगा.


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