टला मनमोहन मंत्रिमंडल का विस्तार

ऐसा भी कहा जा रहा है कि द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) ही नहीं बल्कि कांग्रेस पार्टी से भी मंत्री पद पाने वाले नेताओं के मंत्रालयों पर सहमति नहीं बन पाने के कारण मंगलवार को शपथ ग्रहण का समय तय नहीं हो सका.
मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण के समय ही प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी विज्ञप्ति में कहा गया था कि जल्दी ही मंत्रिमंडल का विस्तार होगा जिसमें सहयोगी दलों को उचित प्रतिनिधित्व दिया जाएगा.
उसके बाद से ही ख़बरें थीं कि मंगलवार को अगला विस्तार होना है.
अब विस्तार की अगली संभावित तिथि 28 मई यानी गुरुवार बताई जा रही है क्योंकि 27 मई को पंडित जवाहर लाल नेहरू की पुण्यतिथि होती है और उस दिन विस्तार संभव नहीं होगा.
प्रधानमंत्री कार्यालय या किसी अन्य आधिकारिक सूत्र से इस बारे में कोई पुष्ट ख़बर नहीं दी गई है.
विवाद
बताया जा रहा है कि करुणानिधि ने द्रमुक में मंत्रिमंडल को लेकर सहमति बना ली है
इससे पहले द्रमुक के साथ विवाद को लेकर विभिन्न अख़बारों में अलग-अलग ख़बरें छपी हैं. इन ख़बरों के अनुसार द्रमुक के साथ मंत्री पदों को लेकर चल रहा मतभेद समाप्त हो गया है.
ताज़ा जानकारी के अनुसार करुणानिधि की पुत्रि कणिमोझी मंत्रिमंडल में शामिल नहीं होंगी जबकि उनके बड़े पुत्र अझागिरी मंत्रिमंडल में होंगे.
उधर कांग्रेस पार्टी में राज्यवार प्रतिनिधित्व को लेकर असमंजस की स्थिति है और साफ नहीं हो पा रहा है कि किस मंत्री को कौन सा मंत्रालय मिलने वाला है.
इससे पहले सरकार के कुछ मंत्री शपथ ग्रहण कर चुके हैं और धीरे-धीरे सभी ने कार्यभार सँभाल लिया है.
इनमें प्रधानमंत्री के अलावा गृह मंत्री पी चिदंबरम, रक्षा मंत्री एके एंटनी, वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी, विदेश मंत्री एसएम कृष्णा और कृषि मंत्री शरद पवार के नाम प्रमुख हैं.


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