तूफान प्रभावित पश्चिम बंगाल में राहत कार्य आरंभ (लीड-2)
राज्य सरकार ने 24 परगना जिले में राहत कार्यो पर विशेष जोर दिया है जहां हजारों लोग बेघर हुए हैं। मुख्यमंत्री बुद्धदेब भट्टाचार्य ने सुंदरबन डेल्टा के कई प्रभावित द्वीपों का भ्रमण किया और जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के साथ राहत कार्यो की योजना तैयार करने के लिए जामताला और निम्पिथ गांवों में बैठक की।
भट्टाचार्य ने 24 परगना जिले में जामताला के निकट एक राहत शिविर में लोगों से कहा, 'आप गंदा पानी मत पीजिए। मैं आपसे आग्रह करता हूं कि गहरे नलकूप का ही पानी पीजिए। आप लोगों के हुए नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा दिया जाएगा।"
राज्य के सुंदरबन मामलों के मंत्री कांति गांगुली ने बताया, "मंगलवार सुबह 400,000 से अधिक लोगों तक मदद पहुंचाने के लिए राहत कार्य आरंभ हुआ। पानी भर जाने और खराब मौसम की वजह से सोमवार को राहत कार्य शुरू नहीं हो पाया था।"
सेना के पूर्वी कमांड के सूत्रों के अनुसार 200 जवानों को सुंदरबन जिले में राहत कार्य के लिए भेजा गया है। जिले में हवाई मार्ग से भोजन के पैकेट भी गिराए जा रहे हैं।
इस बीच मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने चक्रवाती तूफान 'आइला' से प्रभावित पश्चिम बंगाल में पुनर्वास व राहत कार्य चलाने के लिए केंद्र सरकार से तत्काल आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
नई दिल्ली में माकपा पोलित ब्यूरो ने मंगलवार को एक बयान जारी कर तूफान से हुए जान माल के नुकसान पर चिंता जताई और पीड़ितों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना जताई।
बयान में कहा गया, "पोलित ब्यूरो केंद्र सरकार से आग्रह करता है कि वह राज्य सरकार को राहत व पुनर्वास कार्यो के लिए सभी आवश्यक मदद उपलब्ध कराए।"
पोलित ब्यूरो ने जनता से भी तूफान प्रभावित लोगों के लिए मदद के हाथ आगे बढ़ाने का आग्रह किया है।
उधर रेलमंत्री ममता बनर्जी मंत्रालय का काम संभालने के बाद सुंदरबन के काकदीप का दौरा करने लोकल ट्रेन से पहुंची।
पूर्वी रेलवे और दक्षिण पूर्वी रेलवे की सेवाएं भी तूफान से प्रभावित हुईं हैं। भारी संख्या में पेड़ों के उखड़ने और पटरी के बाधित करने के कारण कई छोटी और लंबी दूरी की रेल सेवाएं रद्द कर दी गईं हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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