मंत्री पद के लिए मची होड़ से मंत्रिपरिषद का विस्तार टला (लीड-1)
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के सूत्रों के मुताबिक "अगले दौर में अनेक मंत्रियों को शपथ लेनी है और इस संबंध में अभी बहुत कुछ ठीक किया जाना है। शपथग्रहण अगले कुछ दिनों में हो सकता है।"
अधिकारी ने बताया कि बुधवार को देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि होने के कारण उस दिन शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किए जाने की संभावना नहीं है।
मंत्रिमंडल का खाका तैयार करने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की पार्टी के वरिष्ठ रणनीतिकारों के साथ सोमवार की रात मैराथन बैठक हुई।
कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) द्वारा मंत्रिमंडल में सात सीटें हासिल करने के बाद अन्य सहयोगी दलों की अपेक्षाएं भी बढ़ गई हैं और तृणमूल कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) जैसे दलों ने भी दबाव बढ़ा दिया है।
सूत्रों के मुताबिक डीएमके कोटे से ए. राजा, मुख्यमंत्री करूणानिधि के पुत्र एम. अझागिरी और दयानिधि मारन को कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया जा सकता है जबकि एस. एस. पलानीमनिक्कम, जगतरक्षकण, डी. नेपोलियन और गांधीसेलवन को राज्यमंत्री का ओहदा दिया जा सकता है।
इस बीच मंत्री बनने के लिए कांग्रेस के सांसदों ने भी अपनी-अपनी तरफ से खेमेबाजी आरंभ कर दी है।
कांग्रेस के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, "वाणिज्य, मानव संसाधन और विकास, कानून जैसे महत्वपूर्ण विभागों को पाने के लिए कांग्रेस के नेता भी जुट गए हैं। पद कम है और चाहने वालों की संख्या बहुत। इसलिए हमें सबको मिलाजुला चलना होगा।"
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) अध्यक्ष शरद पवार कैबिनेट मंत्री बन चुके हैं। उनकी पार्टी की ओर से प्रफुल्ल पटेल का मंत्री बनना लगभग तय है। वह एक और मंत्रालय लेने के लिए जुगत भिड़ाए हुए हैं।
कांग्रेस को केरल, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश और राजस्थान में शानदार सफलता मिली है। इसलिए इन राज्यों के वरिष्ठ नेताओं को मंत्री बनाने के लिए भी उस पर खासा दबाव है।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और उनके मंत्रिमंडल के 19 सदस्यों ने 23 मई को पद और गोपनीयता की शपथ ली थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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