आंग सान सू की 27 नवंबर तक हिरासत में रहेंगी (लीड-1)
पुलिस ब्रिगेडियर जनरल मिंत थेन ने इन्सेन जेल में सू की मुकदमे की सुनवाई देखने के लिए एकत्र हुए 40 से ज्यादा राजनयिकों और 25 पत्रकारों को बताया कि उनकी रिहाई अब 27 नवंबर को होगी।
उन्होंने कहा, "जॉन विलियम येटा प्रकरण से पहले सरकार उन्हें 27 मई को रिहा करने पर विचार कर रही थी।"
अधिकारियों ने दावा किया है कि जब तक अमेरिकी नागरिक झील के रास्ते उनके घर नहीं पहुंचा था, तब तक वे लोकतंत्र समर्थक सू की की रिहाई पर गौर कर रहे थे।
सू के वकील न्यान विन ने बचाव पक्ष को पर्याप्त समय नहीं दिए जाने की सोमवार शाम को शिकायत की। बचाव पक्ष मंगलवार को चार गवाह पेश करेगा जिनमें वरिष्ठ पत्रकार और एनएलडी के वरिष्ठ सदस्य विन टिन भी शामिल हैं।
53 वर्षीय जॉन को तीन मई को अपने घर में प्रवेश करने की इजाजत देने की वजह से सू की पर इन्सेन जेल में नजरबंदी के नियमों के उल्लंघन के आरोप में मुकदमा चलाया जा रहा है।
जॉन को छह मई को गिरफ्तार कर लिया गया था।
सू की को 27 मई 2003 को मध्य म्यांमार में अपनी पार्टी नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी(एनएलडी) के लिए प्रचार करते समय गिरफ्तार कर लिया गया था। प्रशासन ने उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा की अनदेखी करने का आरोप लगाया था। सू की पिछले छह साल से नजरबंद हैं।
सू की के वर्तमान मुकदमे की अंतर्राष्ट्रीय जगत में व्यापक निंदा हो रही है। समझा जा रहा है कि इस मुकदमे में सू की को दोषी करार देते हुए तीन से पांच साल के कारावास की सजा सुनाई जा सकती है।
म्यांमार को आसियान ने निष्कासित करने की मांग:
सिंगापुर के एक राजनेता ने बैंकाक में मंगलवार को कहा कि एसोसिएशन ऑफ साउथ ईस्ट एशियन नेशंस (आसियान) म्यांमार को लोकतांत्रिक बनाने के प्रयास में विफल रहा है और उसे संगठन से निष्कासित करने के साथ ही उस पर सीमित प्रतिबंध लगाने पर विचार करना चाहिए।
सिंगापुर की संसद के 21 वर्षीय सदस्य चार्ल्स चांग ने कहा कि वर्ष 1997 में जब म्यांमार को आसियान में शामिल किया गया था तो आसियान का इरादा म्यांमार में सुधार लाना था लेकिन वह इसमें असफल रहा।
चांग ने कहा कि आसियान म्यांमार को किसी भी प्रकार से प्रभावित करने में विफल रहा है और उसे एसोसिएशन से बाहर कर देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि म्यामांर के शासक 'जुंता' के सदस्यों की संपत्ति को जब्त करने जैसे सीमित प्रतिबंधों पर भी विचार करना चाहिए। अन्य प्रतिबंध सरकार के बजाय आम लोगों के लिए परेशानी का सबब बन सकते हैं।
चांग ने अपने बयान में म्यांमार के खराब मानवाधिकार रिकार्ड और हाल ही में विपक्षी नेता आंग सान सू की पर मुकदमा चलाने की भी निंदा की।
चांग ने बैंकाक के विदेशी संवाददाता क्लब में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि 13 मार्च से आरंभ 'म्यांमार के राजनीतिक बंदियों को अब मुक्त करो' अभियान के तहत अब तक 200 देशों के 650,000 लोगों ने इसके लिए याचिका पर अपने हस्ताक्षर किए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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