विकट हालात में हैं स्वात में फंसे नागरिक
इस्लामाबाद, 26 मई (आईएएनएस)। पाकिस्तान के पश्चिमोत्तर सीमांत प्रांत की स्वात घाटी में जारी सुरक्षाकर्मियों और तालिबानी आतंकवादियों के संघर्ष में फंसे हजारों नागरिक भोजन और दवाइयों की घोर किल्लत झेल रहे हैं।
यह चेतावनी न्यूयार्क के एक मानवाधिकार संगठन ने मंगलवार को दी।
समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार ह्यूमन राइट्स वॉच ने पाकिस्तान सरकार से सप्ताह भर से लागू कर्फ्यू तत्काल हटाने की मांग की है। कर्फ्यू की वजह से संघर्ष क्षेत्र में फंसे हजारों लोग वहां से सुरक्षित स्थानों की ओर नहीं जा पा रहे हैं और उन्हें भोजन तथा दवाइयां भी नहीं मिल पा रहीं हैं।
संगठन के एशिया निदेशक ब्रैड एडम्स ने कहा, "तालिबान को परास्त करने के लिए सरकार स्थानीय आबादी को बिना भोजन, स्वच्छ पेयजल और दवाइयों के नहीं छोड़ सकती।"
पाकिस्तानी सेना के अनुसार स्वात और आसपास के तीन अन्य क्षेत्रों में जारी इस संघर्ष में अब तक 1100 से ज्यादा आतंकवादी मारे जा चुके हैं जबकि 60 से ज्यादा सुरक्षाकर्मियों को भी जान गंवानी पड़ी है।
गत दो मई से करीब 24 लाख लोग बेघर हो चुके हैं जबकि हजारों अन्य अभी तक संघर्ष क्षेत्र में फंसे हुए हैं। संगठन ने कहा है कि पाकिस्तानी सेना की गोलाबारी में नागरिकों के हताहत होने की सूचना है।
वहां फंसे नागरिक कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं। खासतौर पर बच्चे कमजोर और असहाय स्थिति में हैं।
एडम्स ने कहा है, "नागरिक तालिबान द्वारा सताए जा रहे थे और अब सेना की ओर से नागरिकों की अनदेखी करने और उन्हें वहां से निकलने की इजाजत नहीं देने की वजह से उनकी तकलीफे बढ़ गई हैं।"
उन्होंने कहा कि यदि तालिबान को सही मायने में परास्त करना है तो पाकिस्तानी सेना को स्वात की जनता की तकलीफे बढ़ाने की बजाए घटानी होंगी ।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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