अलीगढ़: नरमुंडों के साथ मिले लव लेटर्स

तो क्या लाशें लावारिस नहीं थीं?
रविवार को अलीगढ़ पुलिस ने जांच का हवाला देते हुए यह तर्क दिया कि हो सकता है लावारिस लाशों को यहां दफ्ना दिया गया हो। लेकिन सवाल यह है कि अगर शव के साथ पहचान पत्र थे, तो उनकी पहचान हो सकती थी और उनके परिजनों को सौंपे जा सकते थे।
अभी और मिल सकते हैं नरमुंड, कंकाल
पुलिस का कहना है कि सूखे तालाब में अभी और नरमुंड दबे हो सकते हैं। पुलिस ने यह माना है कि ये वो शव हो सकते हैं जिन्हें पोस्टमार्टम के बाद, अंतिम संस्कार करने की जगह इस तालाब में फेंक दिया गया होगा। पुलिस के मुताबिक इस तालाब में मिले शवों को यहां पिछली 8 साल से लेकर अब तक फेंका गया है।
पोर्स्टमार्टम के बाद शव तालाब में फेंक दिये गये, इस बात को अगर मान भी लें, तो उन शवों का क्या, जिनके पास लव लेटर्स, आईडी कार्ड मिले हैं। कहीं ऐसा तो नहीं कि किसी के शक से बचने के लिए हत्या के बाद यहां शव फेंके गये हों।


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