चक्रवाती तूफान से 24 मरे, एक लाख लोग प्रभावित (राउंडअप)

तूफान से राजधानी कोलकाता में कई पेड़, बिजली के खंभे गिर पड़े और सड़कों में गड्ढे हो गए। इसके साथ ही कई घर तबाह हो गए और जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आए तूफान से करीब 50 स्थानों पर पेड़ गिर पड़े। बारिश की वजह से शहर के कई हिस्सों में पानी भर गया। शहर में बिजली ठप है और एयरपोर्ट पर कई उड़ानें रद्द कर दी गई हैं।

कोलकाता में पांच लोगों के मारे जाने की खबर है। तूफान से हुगली, पूर्वी मिदनापुर, पश्चिमी मिदनापुर और उत्तर 24 परगना क्षेत्र प्रभावित हुए हैं। दक्षिण 24 परगना क्षेत्र के जिला अधिकारियों ने कहा कि पाथरप्रतिम, कुलताली और सागरडीह ब्लाक से 40 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है।

राज्य के मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य ने परिस्थितियों का आकलन करने के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई।

भट्टाचार्य ने कहा कि सेना को राहत कार्य में जुट जाने को कहा गया है। मुख्यमंत्री ने अपने सचिवालय से दिनभर तूफान की स्थिति पर नजर रखी। वे मंगलवार को 24 परगना के निमपिथ का दौरा करेंगे।

उधर उड़ीसा के तटीय इलाकों मे दो हजार एकड़ क्षेत्र में पानी भर गया और दर्जनों घर बह गए। केंद्रपाड़ा जिले के राजनगर ब्लाक में कई गांवों में पानी घुस आया है।

अधिकारियों ने बताया कि बंगाल की खाड़ी से तूफान ने दिन में 11 बजे के आसपास कोलकाता में दस्तक दी। यहां पांच लोगों की मौत हो गई जबकि 15 लोग घायल हो गए।

राज्य के 24 परगना जिले में छह लोगों की मौत हो गई। रेल सेवाएं बुरी तरह बाधित हुई हैं।

रेल मंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि गोसाबा, पाथरप्रतिमा और कुलताली जैसे इलाकों में मदद के लिए सेना बुला ली गई है। उन्होंने कहा कि कुछ इलाकों में हालत बहुत खराब है।

पुलिस उपायुक्त (जासूसी विभाग) जावेद शमीम ने आईएएनएस को बताया कि आपात परिस्थतियों के लिए नौकाओं को तैयार रखा गया है ताकि निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके।

बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवात की वजह से उड़ीसा के तटीय इलाकों और बंदरगाहों पर तूफान की चेतावनी जारी की गई है। मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।

मौसम केंद्र के एक अधिकारी डी. सी. जेना ने आईएएनएस को बताया कि चंदबाली और पारादीप बंदरगाहों पर खतरे के संकेत सात और पांच के स्तर तक पहुंच गए हैं। तूफान की आशंका के मद्देनजर मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।

उन्होंने बताया कि चक्रवात फिलहाल पारादीप से 140 किलोमीटर पूर्व में केंद्रित है। इस कारण राज्य के अनेक क्षेत्रों में अगले 24 घंटों के दौरान तेज हवा के साथ भारी बारिश की भी संभावना है।

राज्य के राजस्व सचिव जी.वी.वी. शर्मा ने आईएएनएस को बताया कि राज्य के सभी तटीय जिलों के अधिकारियों को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सतर्क कर दिया गया है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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