विएना में सिख गुरु की मौत के बाद पंजाब में हिंसा, 1 की मौत (राउंडअप)
गृह मंत्री पी. चिदम्बरम ने कहा कि पंजाब में स्थिति सामान्य नहीं है लेकिन सरकार को उम्मीद है कि वहां जल्द ही सामान्य स्थिति बहाल हो जाएगी। उधर पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने सोमवार को कहा कि राज्य की स्थिति नियंत्रण में है और जल्द ही सामान्य स्थिति बहाल हो जाएगी।
हिंसा के दौरान न केवल ट्रेनों तथा बसों में आग लगा दी गई बल्कि कुछ प्रमुख राजमार्गो को भी अवरुद्ध कर दिया गया। जालंधर कैंट स्टेशन में ट्रेन की बोगियों में आग लगा दी गई जबकि एक प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग को जामकर कई दुकानों और वाहनों को जला दिया गया।
पंजाब के दोआबा क्षेत्र के जालंधर, फगवाड़ा, होशियारपुर और नवांशहर कस्बों में प्रदर्शनकारी लाठियों, तलवारों और ईंट पत्थरों से लैस होकर सड़कों पर उतर आए।
प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने कुछ स्थानों पर बल प्रयोग किया। मुख्यमंत्री बादल ने सोमवार को जालंधर शहर में पुलिस फायरिंग में एक व्यक्ति की मौत और आठ लोगों के घायल होने की पुष्टि की है।
जालंधर में रविवार रात से ही कर्फ्यू जारी है और वहां पुलिस के साथ-साथ सेना तथा सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवान स्थितियों पर काबू पाने का प्रयास कर रहे हैं। लुधियाना और होशियारपुर में भी कर्फ्यू लगा दिया गया है।
विरोध प्रदर्शन हरियाणा में भी फैल गया है। जहां प्रदर्शनकारियों ने चंडीगढ़-नई दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक एक को अवरुद्ध कर दिया है। दिल्ली-लाहौर बस सेवा को भी लुधियाना शहर के एक पुलिस स्टेशन में खड़ा कर दिया गया है।
उधर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पंजाब के लोगों से शांति और सौहार्द कायम करने को कहा है।
उन्होंने कहा कि विएना की घटना के कारण पंजाब में भड़की हिंसा से उन्हें गहरा दुख हुआ है। किसी भी उकसावे की स्थिति समाज के विभिन्न वर्गो के लोगों के बीच शांति और सौहार्द कायम रखना सबसे महत्वपूर्ण है।
उन्होंने सभी वर्गो के लोगों से हिंसा को त्यागने और शांति स्थापित करने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि जिन इलाकों में कर्फ्यू लागू है वहां के लोगों को अनिवार्य रूप से अपने घरों में चला जाना चाहिए और सुरक्षा बलों को कानून और व्यवस्था स्थापित करने देना चाहिए।
बतौर गृह मंत्री अपनी दूसरी पारी आरंभ करने के पहले ही दिन पत्रकारों से चर्चा में चिदम्बरम ने कहा, "पंजाब में स्थिति बहुत सामान्य नहीं है। राज्य सरकार ने कुछ इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया है लेकिन मैं टेलीविजन पर देख रहा था कि कर्फ्यू का कोई प्रभाव नहीं है।"
उन्होंने कहा, "कर्फ्यू राज्य सरकार ने लगाया है। कर्फ्यू लगाना राज्य सरकार पर निर्भर करता है। मुझे उम्मीद है कि राज्य में हालात जल्द ही सामान्य हो जाएंगे।"
गृह मंत्री ने कहा कि अर्धसैनिक बलों की 11 कपंनियां पंजाब पहले ही भेजी जा चुकी है। जरूरत पड़ी तो हम और भी सुरक्षा बलों को भेजने को तैयार हैं। हमने राज्य सरकार को हेलीकाप्टर भी मुहैया कराने का प्रस्ताव रखा है।
वहीं बादल ने पत्रकारों से कहा, "राज्य में जो कुछ भी हुआ है उससे हमें बहुत दुख पहुंचा है लेकिन यह एक धार्मिक मामला है और लोगों के लिए भावनाओं पर नियंत्रण करना बहुत मुश्किल है। कुछ स्थानों पर प्र्दशानकारियों ने हिंसक रुख अख्तियार कर लिया। हम स्थिति को नियंत्रित करने का भरपूर प्रयास कर रहे हैं।"
उन्होंने कहा, "यह सब कुछ अचानक हो गया। धीरे-धीरे यह आग कई शहरों में फैल गई। बहरहाल, स्थिति नियंत्रण में है और सब कुछ जल्द ही सामान्य हो जाएगा।"
उन्होंने कहा, "मैंने विदेश मंत्री एस. एम. कृष्णा से भी बात की है। मैंने उनसे कहा कि वह आस्ट्रिया सरकार से बात करें और दोषियों को गिरफ्तार करने के लिए दबाव बनाएं।।"
इस बीच उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "विएना हिंसा में मारे गए लोगों के परिजनों के प्रति हम अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं। इसलिए सोमवार को हमने सभी व्यापारिक प्रतिष्ठानों को बंद रखने का आवाह्न् किया है।"
उल्लेखनीय है कि सोमवार को सिख गुरु संत रामानंद (57) की विएना के एक अस्पताल में मौत हो गई। वह भारत से यहां आए थे। घटना के समय गुरुद्वारे में मौजूद एक अन्य अतिथि सिख गुरु संत निरंजन दास (68) की हालत स्थिर बनी हुई है। उनकी आपातकालीन शल्य चिकित्सा की गई है।
माना जा रहा है कि पुलिस हिरासत में लिए गए छह व्यक्तियों ने ही गुरुद्वारे में प्रार्थना के दौरान हमले की शुरुआत की थी। आगे और गिरफ्तारी की संभावना से इंकार नहीं किया गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक छह दाढ़ी और पगड़ीधारी लोगों ने विएना के गुरुद्वारे में उस समय हमला बोल दिया जब वहां धर्मगुरु लोगों को उपदेश दे रहे थे।
हमलावरों में से एक ने गोलीबारी की जबकि बाकी ने चाकुओं से हमला किया हालांकि वहां मौजूद अनुयाइयों ने तत्काल हमलावरों पर काबू पा लिया लेकिन तब तक वे कई लोगों को घायल कर चुके थे। इस गुरुद्वारे में सिख पंथ डेरा सचखंड के अनुयायी प्रार्थना के लिए एकत्रित होते थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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