पांच मंत्रियों ने संभाला कार्यभार (लीड-1)

नवनियुक्त विदेश मंत्री एस. एम. कृष्णा के लिए अपने कार्यकाल का पहला दिन बहुत ही व्यस्त रहा। उत्तर कोरिया ने परमाणु परीक्षण किया तो आस्ट्रिया की राजधानी विएना में रविवार को हुई हिंसक घटना का असर पंजाब में देखने को मिला।

पंजाब में फैली हिंसा पर कृष्णा ने पत्रकारों से चर्चा में कहा, "विएना में हिंसा फैलाने के दोषियों को कड़ी सजा दिलवाने और पीड़ितों के परिजनों को न्याय दिलाने के लिए हम दृढ़ हैं।"

कृष्णा के अलावा कृषि मंत्री के रूप में शरद पवार, गृह मंत्री के रूप में पी. चिदम्बरम, रक्षा मंत्री के रूप में ए. के. एंटनी और वित्त मंत्री के रूप में प्रणब मुखर्जी ने अपने-अपने कार्यभार संभाले।

सरकार के वरिष्ठतम मंत्रियों में शुमार किए जाने वाले मुखर्जी लंबे अरसे के बाद वित्त मंत्रालय में आए हैं। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के समय वह वित्त मंत्री थे। कार्यभार संभालते ही बजट पर काम करना आरंभ कर दिया।

पत्रकारों से चर्चा में उन्होंने कहा, "भारतीय अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाना हमारी प्राथमिकता होगी।"

मनमोहन सरकार में रक्षा मंत्री बनाए गए ए. के. एंटनी ने लगातार दूसरी बार मंत्रालय का कार्यभार संभाल लिया।

कार्यभार संभालने के बाद एंटनी ने कहा, "देश के चारों ओर सुरक्षा की स्थिति ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो गई है। हमारे पड़ोस में हो रहा बदलाव चिंता का विषय है। ऐसे में हमारे लिए आंतरिक निगरानी काफी महत्वपूर्ण हो गई है।" उन्होंने पड़ोसी देशों पाकिस्तान, श्रीलंका और नेपाल के संदर्भ में यह बात कही।

उन्होंने कहा, "अपने आसपास की सुरक्षा को और मजबूत करना हमारे मंत्रालय की प्राथमिकता है।" उन्होंने कहा कि इसके लिए जमीन सीमा की सुरक्षा, हवाई सुरक्षा और तटीय सुरक्षा को मजबूत करने की जरूरत है।

एंटनी ने कहा कि इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए देश को अपने सशस्त्र सेनाओं के आधुनिकीकरण पर ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि आधुनिकीकरण का मतलब केवल हथियार हासिल करना नहीं बल्कि इसके साथ सशस्त्र सेना को प्रशिक्षित करना भी जरूरी है।

उन्होंने कहा कि उनके मंत्रालय ने चीन द्वारा भारत से लगे सीमा क्षेत्रों में तेजी से किए जा रहे आधारभूत संरचनाओं के विकास पर ध्यान दिया है।

इसके अलावा शरद पवार ने भी सोमवार को कृषि भवन में कृषि, खाद्य, सार्वजनिक वितरण और उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय का कार्यभार संभाल लिया। पूर्ववर्ती सरकार में भी उनके पास यही मंत्रालय थे।

उन्होंने महत्वपूर्ण अधिकारियों के साथ एक बैठक करके अपने कार्य की शुरुआत की और देश में दूसरी हरित क्रांति का आह्वान किया।

लोकसभा में महाराष्ट्र के मधा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले 68 वर्षीय पवार ने कहा कि उत्पादकता बढ़ाने के उपाय सुनिश्चित किए जाने चाहिए।

भारत का खाद्यान्न उत्पादन वर्ष 2007-08 में बढ़कर 23.067 करोड़ टन हो गया। अनुमान है कि इस वर्ष धान के अधिक उत्पादन के कारण खाद्यान्न उत्पादन और अधिक होने की उम्मीद है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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