चक्रवाती तूफान से पश्चिम बंगाल में 12 मरे, सेना बुलाई गई (लीड-2)
पश्चिम बंगाल के तटीय जिले 24 परगना में भारी क्षति के बाद बड़े पैमाने पर राहत और बचाव कार्य जारी हैं तथा सेना बुला ली गई है। उड़ीसा के केंद्रपाड़ा जिले के राजनगर ब्लाक में कई गांवों में पानी घुस आया है।
अधिकारियों ने बताया कि बंगाल की खाड़ी से उठे 55 किलोमीटर प्रति घंटे की गति वाले इस तूफान ने दिन में 11 बजे के आसपास कोलकाता में दस्तक दी। इससे बड़ी संख्या में पेड़ गिरे और सड़कों में गढ्ढे पड़ गए और जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। यहां पांच लोगों की मौत हो गई जबकि 15 लोग घायल हो गए।
राज्य के 24 परगना जिले में छह लोगों की मौत हो गई। जिले के पाथरप्रतिमा, कुलताली और सागरडीह ब्लॉक से करीब 40,000 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा गया है। इस बीच रेल सेवाएं बुरी तरह बाधित हुई हैं।
रेल मंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि गोसाबा, पाथरप्रतिमा और कुलताली जैसे इलाकों में मदद के लिए सेना बुला ली गई है। उन्होंने कहा कि कुछ इलाकों में हालत बहुत खराब है।
राज्य के मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य ने परिस्थितियों का आकलन करने के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई। उन्होंने कहा कि बचाव कार्यो के लिए सेना बुलाई गई है।
पुलिस उपायुक्त (जासूसी विभाग) जावेद शमीम ने आईएएनएस को बताया कि आपात परिस्थतियों के लिए नौकाओं को तैयार रखा गया है ताकि निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके।
बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवात की वजह से उड़ीसा के तटीय इलाकों और बंदरगाहों पर तूफान की चेतावनी जारी की गई है। मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।
मौसम केंद्र के एक अधिकारी डी. सी. जेना ने आईएएनएस को बताया कि चंदबाली और पारादीप बंदरगाहों पर खतरे के संकेत सात और पांच के स्तर तक पहुंच गए हैं। तूफान की आशंका के मद्देनजर मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।
उन्होंने बताया कि चक्रवात 'आइला ले' फिलहाल पारादीप से 140 किलोमीटर पूर्व में केंद्रित है। इस कारण राज्य के अनेक क्षेत्रों में अगले 24 घंटों के दौरान तेज हवा के साथ भारी बारिश की भी संभावना है।
राज्य के राजस्व सचिव जी.वी.वी. शर्मा ने आईएएनएस को बताया कि राज्य के सभी तटीय जिलों के अधिकारियों को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सतर्क कर दिया गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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