आईआईटी में सुपर-30 के छात्रों को शत-प्रतिशत सफलता (लीड-1)
यह संस्थान गरीब परिवारों के प्रतिभाशाली छात्रों का चयन करता है और उन्हें मुफ्त कोचिंग, खाना और रहने की सुविधा मुहैया कराता है। संस्थान का उद्देश्य बिल्कुल साफ है। वह चाहता है कि छात्र बिना किसी चिंता के प्रवेश परीक्षा पर ध्यान केंद्रित करें।
संस्थान के निदेशक कुमार आनंद ने सोमवार को आईएएनएस को बताया कि पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी संस्थान का परिणाम 100 प्रतिशत रहा। उन्होंने बताया कि इस वर्ष संस्थान की नम्रता जायसवाल ने प्रवेश परीक्षा में 323वीं रैंक लाते हुए संस्थान में अव्वल रही।
बकौल कुमार, "कड़ी मेहनत, समुचित मार्गदर्शन और हर चीज की अच्छी व्यवस्था हमारी सफलता का मूलमंत्र है।"
सफलता हासिल करने वाले सुपर-30 के छात्र नगेंद्र राम ने बताया, "हम सब जश्न के मूड में हैं। आज हमने ढेरों मिठाइयां बाटीं हैं।"
पटना में और सुपर-30 होने के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि उन्हें इससे कोई शिकायत नहीं। हालांकि उन्होंने कहा कि अब वे भी संस्थान को बड़ा करने पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने आईआईटी में पटना के छात्रों के परिणाम पर आशा के अनुरूप बताया।
उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष सुपर-30 के सभी 30 छात्र प्रवेश परीक्षा में सफल ही नहीं हुए थे बल्कि संस्थान के शितिकंठ ने पूरे देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया था।
ज्ञात हो कि सुपर-30 में प्रवेश परीक्षा के बाद 30 छात्रों का नामांकन होता है जिन्हें आईआईटी की प्रवेश परीक्षा के लिए तैयार किया जाता है।
इस संस्थान की शुरुआत 2003 में की गई थी। उस वर्ष इसके 18 छात्र आईआईटी प्रवेश परीक्षा में उत्तीर्ण हुए थे। यह संख्या 2004 में बढ़कर 22 और 2005 में 26 हो गई। 2007 और 2006 में इस संस्थान के 28-28 छात्रों ने सफलता हासिल की थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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