भारत ने विएना में हुई हिंसा की निंदा की
विदेश मंत्री एस.एम. कृष्णा ने कहा, "यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और परेशान करने वाली बात है कि एक ही समुदाय के लोगों में अलग अलग निष्ठाएं होने की वजह से टकराव की स्थिति बन गई है। यह दुखद है कि हमले को गुरुद्वारे में अंजाम दिया गया।"
आस्ट्रिया की राजधानी विएना में गुरुद्वारे में हुई हिंसक वारदात में सिख पंथ डेरा सच खंड के गुरु की मौत की खबर आने के बाद पंजाब के अनेक इलाकों में हिंसक प्रदर्शनों का सिलसिला शुरू हो गया।
कृष्णा ने कहा, "भारत जैसे सभ्य समाज में हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं है। संकीर्ण हितों के लिए गुरुद्वारे जैसे पवित्र स्थान में हिंसा को अंजाम देने वालों को क्षमा नहीं किया जा सकता।"
उन्होंने कहा कि परिस्थितियों पर न सिर्फ निगरानी रखी जा रही है बल्कि आस्ट्रियाई प्रशासन से भी संपर्क स्थापित करके रखा गया है।
कृष्णा ने कहा कि इस हमले को अंजाम देने वाले लोग एकदम वहशी थे और उन्हें उनके अंजाम तक पहुंचाया जाएगा।
सोमवार को सिख गुरु संत रामा नंद (57) की विएना के एक अस्पताल में मौत हो गई। वह भारत से यहां आए थे। घटना के समय गुरुद्वारे में मौजूद एक अन्य अतिथि सिख गुरु संत निरंजन दास (68) की हालत स्थिर बनी हुई है। उनकी आपातकालीन शल्य चिकित्सा की गई है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक छह दाढ़ी और पगड़ीधारी लोगों ने विएना के गुरुद्वारे में उस समय हमला बोल दिया जब वहां धर्मगुरु लोगों को उपदेश दे रहे थे।
हमलावरों में से एक ने गोलीबारी की जबकि बाकी ने चाकुओं से हमला किया हालांकि वहां मौजूद अनुयाइयों ने तत्काल हमलावरों पर काबू पा लिया लेकिन तब तक वे कई लोगों को घायल कर चुके थे।
पुलिस ने इस सिलसिले में छह लोगों को गिरफ्तार किया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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