सर्वोच्च न्यायालय से मिली विनायक सेन को जमानत (लीड-1)
सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति मरक डेय काट्जू और न्यायमूर्ति दीपक वर्मा की खंडपीठ ने उनकी जमानत मंजूर की।
अदालत में सेन की ओर से पूर्व कानून मंत्री शांतिभूषण उपस्थित हुए। उन्होंने सेन के स्वास्थ्य की खराब स्थिति को देखते हुए अदालत से तुरंत सुनवाई की अपील की थी।
न्यायमूर्ति डी. के. जैन और न्यायमूर्ति बी. एस. रेड्डी की खंडपीठ ने चार मई को इस मामले में छत्तीसगढ़ सरकार को नोटिस जारी किया था।
राज्य सरकार के जवाब पर सुनवाई के दौरान अदालत ने सेन को उपलब्ध बेहतरीन ईलाज मुहैया करवाने का आदेश दिया था।
पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टी (पीयूसीएल) के उपाध्यक्ष सेन पर छत्तीसगढ़ सरकार ने गैर कानूनी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया था।
उन्हें 14 मई 2007 को गिरफ्तार किया गया था। उनपर जेल में बंद एक नक्सली के लिए संदेशवाहक के रूप में काम करने का आरोप लगाया गया था।
चार मई को पूर्व कानून मंत्री राम जेठमलानी सेन की ओर से अदालत में उपस्थित हुए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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