नेपाल के नये पीएम बने माधव नेपाल

उनकी पार्टी ने रविवार को नई सरकार के गठन तथा मंत्रालयों के बंटवारे के बारे में रविवार को विचार-विमर्श शुरू कर दिया। नए प्रधानमंत्री के लिए अपनी पार्टी और 21 अन्य को साथ में लेकर चलना खासा चुनौतिपूर्ण होगा। इन्हीं की बदौलत शनिवार को वह निर्विरोध निर्वाचित हो सके।
नये मंत्रियों पर होगी बैठक
अपनी पार्टी के नेताओं से विचार-विमर्श के बाद 56 वर्षीय पूर्व उप प्रधानमंत्री नए मंत्रिमंडल के सदस्यों के बारे में सहयोगी दलों से चर्चा करेंगे। नेपाल की दूसरी बड़ी पार्टी नेपाली कांग्रेस (एनसी) का कहना है कि इस बारे में विचार-विमर्श जारी है कि सरकार में शामिल हुआ जाए या बाहर से समर्थन दिया जाए। पूर्ववर्ती माओवादी सरकार में एनसी मुख्य विपक्षी दल की भूमिका में थी।
एनसी अध्यक्ष गिरिजा प्रसाद कोइराला ने कहा है कि नई सरकार के मार्गदर्शन के लिए एक सर्व-दलीय समिति के गठन के वास्ते सर्वसम्मति, सहयोग और एकता को प्राथमिकता दी जाएगी।
माओवादियों ने प्रस्ताव ठुकराया
कोइराला ने माओवादियों से भी सरकार में शामिल होने को कहा है जबकि उन्होंने यह प्रस्ताव ठुकरा दिया है। वरिष्ठ माओवादी नेता एवं सांसद नारायण काजी श्रेष्ठा प्रकाश ने कहा, "यह सरकार अस्वाभाविक है। इसका गठन साम्राज्यवादी और विस्तारवादी ताकतों ने किया है। हम इसका बहिष्कार करेंगे।"
माओवादी पुष्प कमल दहाल प्रचंड का स्थान लेने वाले नेपाल पर भारत की कठपुतली होने का आरोप लगा रहे हैं। इसके अलावा वे भारत पर भी नेपाल के अंदरूनी मामलों में दखलंदाजी करने का आरोप लगा रहे हैं। नेपाल को मधेसी जनाधिकार फोरम का रुख भी परेशान कर सकता है। कयास लगाए जा रहे हैं कि नेपाल छोटे मंत्रिमंडल की घोषणा कर सकते हैं जिसका बाद में विस्तार किया जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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