आज़म ख़ान समाजवादी पार्टी से निष्कासित

आज़म ख़ान समाजवादी पार्टी से निष्कासित

उनके निष्कासन की घोषणा पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से की है.

लेकिन सबको मालूम है कि ये निर्णय सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने ख़ुद लिया है. इससे पहले आज़म ख़ान ने आज ही विधानसभा में पार्टी के उपनेता के पद से त्यागपत्र दे दिया था.

आज़म ख़ान वैसे तो काफ़ी दिनों से पार्टी से असंतुष्ट चल रहे थे. लेकिन पिछले दिनों भारतीय जनता पार्टी के बाग़ी नेता कल्याण सिंह के साथ मुलायम सिंह यादव की चुनावी दोस्ती का ख़ुलकर विरोध किया.

इतना ही नहीं, उन्होंने अपने गृहनगर रामपुर में पार्टी की प्रत्याशी जयाप्रदा का भी ख़ुलकर विरोध किया, लेकिन उनके विरोध के बावजूद जयाप्रदा चुनाव जीत गईं.

जानकारों का कहना है कि जयाप्रदा और कल्याण सिंह तो बहाना है, आज़म ख़ान पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अमर सिंह के बढ़े हुए वर्चस्व से नाराज़ थे, वहीं समाजवादी पार्टी के सूत्रों का कहना है कि रामपुर में आज़म ख़ान निर्माणाधीन जौहर विश्वविद्यालय को राज्य या केंद्र सरकार से मान्यता लेने के चक्कर में समाजवादी पार्टी से दूरी बना रहे थे.

जो भी हो, ये स्पष्ट है कि समाजवादी पार्टी ने अपना एक और ऐसा क़द्दावर नेता खो दिया है, जो उसके गठन के समय से ही पार्टी की अग्रिम पंक्ति में शामिल था.

राजनीतिक जीवन

आज़म ख़ान वैसे तो चौधरी चरण सिंह के ज़माने से राजनीति में सक्रिय हैं और अलीगढ़ विश्वविद्यालय छात्रसंघ के नेता रहे हैं, लेकिन वे उस समय सुर्ख़ियों में आए, जब कांग्रेस शासन के दौरान अयोध्या में विवादित बाबरी मस्जिद का ताला खोला गया.

आज़म ख़ान ने अमर सिंह के ख़िलाफ़ भी मोर्चा खोला था

उसके बाद बनी बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी के वे सह संयोजक थे और मुसलमानों में मुलायम सिंह की पैठ बढ़ाने में उनका योगदान माना जाता है.

इस लोकसभा चुनाव में आज़म ख़ान के विरोध के चलते समाजवादी पार्टी को कई सीटों पर मुस्लिम मतों का नुक़सान हुआ.

इसी तरह पार्टी के एक और बड़े नेता बेनी प्रसाद वर्मा की बग़ावत के चलते भी पार्टी को फ़ैज़ाबाद के आसापास कई सीटों पर नुक़सान हुआ.

बेनी प्रसाद वर्मा कांग्रेस के टिकट पर ख़ुद लोकसभा पहुँचे और कई अन्य लोगों को जिताने में मदद की. एक ज़माने में पार्टी के मुख्य प्रचारक रहे राज बब्बर भी समाजवादी पार्टी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं.

पार्टी के कई वरिष्ठ नेता समाजवादी पार्टी में अमर सिंह के वर्चस्व और दूसरे नेताओं का महत्व कम किए जाने से दुखी हैं और उनका कहना है कि इससे पार्टी का नुक़सान हो रहा है.

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+