'बीडीआर विद्रोह में विदेशी हाथ नहीं'

फरवरी को हुए इस विद्रोह में 55 सैन्य अधिकारियों सहित 81 लोग मारे गए थे। जांच समिति के प्रमुख और अवकाश प्राप्त वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जांच से पता चला कि विद्रोह के पीछे नेताओं या विदेशी शक्तियों का हाथ नहीं था।
कम वेतन, काम काज का तरीका बना कारण
जांचकर्ताओं ने विद्रोह में नेताओं या विदेशी शक्तियों के हाथ होने की आशंकाओं के मद्देनजर अलग से जांच करवाने की पेशकश की है। इस संबंध में प्रधानमंत्री शेख हसीना और अन्य मंत्रियों ने आशंका जाहिर की थी।
बांग्लादेशी समाचार पत्र 'द डेली स्टार' के अनुसार राष्ट्रीय जांच समिति ने कहा है कि वेतन में बढ़ोत्तरी और कामकाज की स्थिति को लेकर बीडीआर ने विद्रोह किया था। जांच समिति के एक सदस्य ने कहा, "बीडीआर के जवानों ने खुद विद्रोह किया था। इसके पीछे विदेशी ताकत, राजनेताओं या आतंकवादियों का हाथ नहीं था।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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