डीएमके ने की फैसले की समीक्षा (लीड-1)
इससे पहले तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एवं डीएमके अध्यक्ष एम. करुणानिधि शुक्रवार को केंद्र की नई सरकार को बाहर से समर्थन देने की बात कहकर चेन्नई रवाना हो गए।
करुणानिधि ने चेन्नई रवाना होने से पहले दिल्ली हवाई अड्डे पर संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "हम केंद्र सरकार को बाहर से समर्थन देंगे, क्योंकि कांग्रेस द्वारा सुझाए गए फार्मूले पर पार्टी की कार्यकारी परिषद में चर्चा करनी पड़ेगी।"
इधर, कांग्रेस ने हर समस्या के समाधान की बात कह कर डीएमके के साथ रिश्तों को बनाए रखने की कोशिश की है।
इस बारे में पूछे गए एक सवाल पर पार्टी प्रवक्ता जनार्दन द्विवेदी ने कहा, "हर समस्या का समाधान है।"
उन्होंने इससे इंकार किया कि कांग्रेस टी. आर. बालू और ए. राजा को मंत्रिमंडल में शामिल करने पर एतराज कर रही है। उन्होंने कहा, "हमें किसी व्यक्ति को लेकर ऐतराज नहीं है। डीएमके को अपने प्रतिनिधियों को चुनना है।"
उम्मीद की जा रही है कि कांग्रेस इस गतिरोध को दूर करने के लिए किसी वरिष्ठ नेता को चेन्नई भेज सकती है।
उधर, डीएमके के वरिष्ठ नेता टी.आर.बालू ने कहा कि कांग्रेस उनकी पार्टी की मित्र बनी रहेगी। बालू ने कहा, "कांग्रेस हमारी मित्र है और डीएमके के सांसद शुक्रवार शाम मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार के शपथग्रहण समारोह में शामिल होंगे।"
कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक पार्टी महासचिव गुलामनबी आजाद को चेन्नई भेजा जाएगा। कुल 18 सांसदों वाली डीएमके मंत्रिमंडल में तीन कैबिनेट मंत्रियों, दो स्वतंत्र प्रभार वाले राज्यमंत्रियों और दो अन्य राज्यमंत्रियों सहित सात पदों मांग रही है। कांग्रेस उसे पिछली सरकार की तरह दो कैबिनेट मंत्रियों और पांच राज्यमंत्रियों के पद देना चाह रही है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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